सभी के समन्वित प्रयास से कुष्ठ मुक्त भारत बनाना हमारा लक्ष्य डीडीजी - डॉ एस सेंथिलनाथन
कुष्ठ रोग के प्रति पूर्व की अपेक्षा वर्तमान में चुनौती विभिन्न है
बड़वानी 14 दिसम्बर 2024/ आज से चार दशक पूर्व जब प्रशासन ने स्थानीय लोगों के समन्वय से कुष्ठ रोगियों के पुनर्वास के लिए आशाग्राम ट्रस्ट की नींव रखी थी तब और आज की परिस्थितियों में परिवर्तन देखने को मिल रहा है। आज के दौर में अंधविश्वास कम हुआ है । उपचार के प्रति सजगता में बढ़ोतरी हुई है। लोग स्वास्थ्य अमले की पहुंच से जागरूक हो रहे हैं और स्वयं ही स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंच रहे हैं। पहले कुष्ठ रोगी बहुत ज्यादा विकृति होने के बाद ही दिखाई देते थे अब ऐसा नहीं है। प्रारंभिक स्तर पर कुष्ठ रोग का पता लगने पर आसानी से उपचारित हो रहे हैं। ग्राम की आशा को भी कुष्ठ रोग के लक्षणों के प्रति दक्ष बनाकर घर-घर कुष्ठ रोगियों को खोजने की पहल की जाकर कुष्ठ रोगियों की खोज अभियान चलाया जा रहा है। उक्त बातें जिले में चल रही एलसीडीसी अभियान की मॉनिटरिंग करने आए भारत सरकार के डीडीजी लेप्रोसी डॉ एस सेंथिलनाथन ने आशाग्राम अवलोकन के दौरान कही।
उन्होंने कहा आशाग्राम शासन प्रशासन एवं समाजजनों का एक समन्वित नवाचार है। जहां पर प्रशासन के कार्य धरातल पर एक ही स्थान पर अलग-अलग स्वरूप में मॉडल के रूप में दिखाई देते हैं जो की बहुत कम स्थान पर देखने को मिलता है। उन्होंने चिकित्सालय में कुष्ठ, दिव्यांग ,मनोरोगी एवं सामान्य मरीजों को एक साथ बिना अंतर किए चिकित्सा सुविधा देने के कार्य को अनुकरणीय बताया। टीम के अन्य सदस्य एवं रीजनल डायरेक्टर भोपाल डॉ चंद्रशेखर गेडाम ने बताया कि जिले में 3 वर्ष की अवधि तक सपोर्टिंग सुपरविजन के साथ आवश्यक सहयोग के लिए अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। आशाग्राम ट्रस्ट के श्री सचिन दुबे ने बताया प्रदेश में कुष्ठ रोगियों की पेंशन में कई जगह विसंगतियां देखने को मिल रही है। जिसे ठीक करने की आवश्यकता है। जिससे कि कुष्ठ रोगियों का जीवन और सुगम हो सके।
समस्या का निवारण कर परिसर में ही संजीवनी क्लीनिक की स्थापना भी की है जो की नियमित संचालित हो रहा है। इस दौरान टीम के सदस्य डॉ सुंदर वेलून आर एमओ सीएलटीआरआई चेगलपट्टू ,डिप्टी डायरेक्टर लेप्रोसी डॉ माधव हास्नानी जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ चंद्रजीत सावले आदि उपस्थित थे।