Rajendra Devray / Fri, Jan 2, 2026 / Post views : 47


दिए प्रतापगढ़ में बुधवार शाम जिला कलेक्टर अंजलि राजोरिया ने पुलिस बल के साथ धमोतर दरवाजा से देवगढ़ दरवाजा तक नाले का निरीक्षण किया। उन्होंने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की कलेक्टर ने कर्मचारियों को लगाई फटकार निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को नाले पर जगह-जगह अतिक्रमण, गंदगी और अधूरा निर्माण मिला। कई जगहों पर नाला पुरी तरह से खुला पड़ा था, जिससे आमजन की सुरक्षा को खतरा था। यह देखकर कलेक्टर ने मौके पर मौजूद नगर परिषद कर्मचारियों को फटकार लगाई और लापरवाही बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी। देवगढ़ दरवाजा पर कलेक्टर राजोरिया ने राजस्व विभाग की टीम से मौका रिपोर्ट के आधार पर जानकारी ली। उन्होंने गिरदावर प्रभुलाल मीणा से पूछा कि 24 तारीख को नपती के समय निर्माण अधूरा था या पूरा। गिरदावर ने बताया कि निर्माण अधूरा था। कलेक्टर ने ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश दिए इस पर कलेक्टर ने नगर परिषद के जेईएन दुलीचंद सोलंकी से काम रोकने के आदेश के बावजूद निर्माण जारी रखने पर सवाल किया। उन्होंने निर्देश दिए कि पूरी मौका रिपोर्ट तैयार कर जिम्मेदार ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाए। कलेक्टर ने यह भी पाया कि नगर परिषद ने अधिकारियों की रिपोर्ट के बिना एक सार्वजनिक शौचालय को क्षतिग्रस्त मानकर तोड़ दिया था, जिस पर उन्होंने जांच के आदेश दिए। इसके अलावा, सभापति के पति प्रह्लाद गुर्जर की दो मंजिला इमारत भी नाले के पास आधी-अधूरी टूटी हुई मिली। जिसके भी जांच के आदेश दिए नाले के ऊपर बनी इमारत को लेकर पूछे सवाल कलेक्टर ने नगर परिषद से पूछा कि इसे पूरा क्यों नहीं तोड़ा गया। तहसीलदार ने जवाब दिया कि विधानसभा में सवाल उठने के बाद इसे तोड़कर रिपोर्ट भेजी गई थी। कलेक्टर ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि नाले के ऊपर से पूरी इमारत तोड़ी जानी चाहिए थी। उन्होंने आयुक्त से मामले की फाइल मंगवाकर राजस्व विभाग को जांच के निर्देश दिए हैं।
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