पुलगांव के बुजुर्ग निरंजन राव खडसे उम्र 60 वर्ष वर्धा के बजाय हरदा ट्रेन से उतर गए कमजोर याददाश्त के कारण भटक गए सार्थक सेवा आश्रय समिती के संचालक गणों ने वृद्ध आश्रम में 13 दिनों तक रखकर करी सेवा परिजनों से मिलवाया
हरदा सार्थक सेवा आश्रय समिती के द्वारा संचालित वर्धाआश्रम के संचालक को दिनांक 3/5/24 को स्थानीय निवासियों ने खबर दी रेलवे स्टेशन पर बुजुर्ग व्यक्ति यहां पर घूम रहा है रात्रि में जैसे सुचाना मिली उन्हें सार्थक सेवा आश्रय समिती के सदस्य तत्काल हरदा में रेलवे स्टेशन पर पहुंचे और उस व्यक्ती की तलाश कर उसे अपने आश्रम में रात्री 11 बजे ले आए रात्रि में वृद्ध व्यक्ति को भोजन कराया मेडिकल चेकअप करवाया और सुबह से आश्रम के सेवादारों ने उन्हें स्नान करवा कर नए वस्त्र पहनाये
और उन्हें पारिवारिक वातावरण देकर भोजन कराया वह कुछ अधिक बात भी नहीं पा रहे थे उनके पास केवल बैंक की एक पासबुक थी जिसके आधार पर बैंक पासबुक में लिखे नम्बर पर फोन कर परिजनों से सम्पर्क होपया 13 दिन तक आश्रम में अपने पास रखा
परिजनों की उनसे बातचीत कराई गई वीडियो कॉल पर भी उनसे उनकी बातचीत कार्रवाई परिजनों ने उन्हें पहचाना फिर हरदा वृद्धआश्रम पर आए जहां पर समिति के सदस्यों ने आवश्यक कागजी कार्रवाई करने के बाद बुजुर्गों व्यक्ती को परिजनों को सौंप दिया परिजन से मिलने के बाद बुजुर्ग और परिजन बहुत प्रसन्न हुवे और सार्थक सेवा समिति के द्वारा संचालित वृद्ध आश्रम की बड़ी तारीफ की वही वृद्धआश्रम के संचालन कर्ताओ ने मानव सेवा की मिसाल पेश कर शाल श्रीफल से बुजुर्ग व्यक्ति का सम्मान कर उनके परिवार के साथ उन्हें विदा किया
वृद्धआश्रम के अध्यक्ष बलराम काले ने बताया कि हमारे द्वारा आश्रम की शुरुआत से अभी तक कई वृद्ध जनों को उनके परिजनों से मिलवाया गया है वहीं कहीं व्यक्तियों का अंतिम संस्कार भी हमारे द्वारा किया गया है यह वृद्धआश्रम हमेशा ही बुजुर्ग लोगों की सहायता और असहाय और निराश्रित लोगों की सहायता करता आ रहा है और आगे भी निरंतर सहायता करता रहेगा