पॉक्सो एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम पर पुलिस अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण"*
आज दिनांक 29.03.2025 को जिला बड़वानी के पुलिस थानों में पदस्थ बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को आज POCSO (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम), किशोर न्याय अधिनियम और दिव्यांग सहायता पर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर प्रशिक्षित किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक श्री जगदीश डावर के मार्गदर्शन में विशेष किशोर पुलिस इकाई, बड़वानी द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागृह में आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों को बच्चों के प्रति अपराधों की रोकथाम, बच्चों के अधिकारों की रक्षा और संबंधित विधिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। विशेष रूप से, प्रशिक्षण का उद्देश्य बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के लिए सशक्त बनाना और उन्हें बच्चों से जुड़े मामलों में बेहतर निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करना था।
कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता के रूप में सहायक अभियोजन अधिकारी श्री संजय पाल मोरे, सुश्री कीर्ति चौहान तथा यूनिसेफ से ममता संस्था के जिला समन्वयक श्री शैलेश बैरागी ने अपनी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। श्री मोरे ने POCSO अधिनियम के तहत बच्चों के यौन उत्पीड़न से सुरक्षा के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी। सुश्री कीर्ति चौहान ने किशोर न्याय अधिनियम और बच्चों के पुनर्वास पर जोर दिया, जबकि श्री शैलेश बैरागी ने दिव्यांग बच्चों के अधिकारों और उनके कल्याण के लिए लागू विधिक प्रावधानों पर प्रकाश डाला।
*इस प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों को बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें बच्चों के मामलों में पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने के लिए तैयार करना था। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिलेभर से 50 से अधिक बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया और उन्हें बच्चों के मामलों में उचित कार्रवाई करने के लिए आवश्यक दिशानिर्देश प्रदान किए गए।*