Rajendra Devray / Fri, May 16, 2025 / Post views : 220
*पानी की किल्लत पर फूटा महिलाओं का गुस्सा, खाली बर्तन लेकर सड़क पर दिया धरना" *ग्राम डिगलाई के गहराया पेयजल संकट भी जीसी कोई, पीने के पानी के लिए ग्रामीण हो रहे परेशान**सरपंच सचिव द्वारा एक सप्ताह में नल कूप खनन के आश्वासन के बाद नाराज महिलाए मानी* बगड़ी/तेज गर्मी की दस्तक के साथ ही अब क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति निर्मित हो गई है लगातार गिरते हुए जल स्तर के कारण ग्रामीणों के सामने पीने के पानी का संकट खड़ा हो चुका है ऐसे में पानी के लिए परेशान ग्रामीण आंदोलन का सहारा ले रहे हैं शुक्रवार को नालछा विकासखंड के ग्राम डिगलाई मैं पेयजल संकट को लेकर खाली बर्तन हाथों में लेकर आक्रोशित महिलाएं रानीपुरा धार मार्ग पर सड़क पर बैठ गई और नारेबाजी करने लगी। बाद में सरपंच सचिव के आश्वासन के बाद महिलाओं का गुस्सा ठंडा हुआ। नालछा विकासखंड के अधिकांश गांव में इन दिनों से जल संकट की स्थिति निर्मित हुई है। ग्रामीणों को हर घर नल जल प्रदाय करने की योजना के दावे भी खोखले साबित हो रहे हैं। विकासखंड के गांव में मुख्यमंत्री नल जल योजना भी दम तोड़ते हुए नजर आ रही है। ग्रामीण पीने के पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। *हाथों में खाली बर्तन लेकर महिलाएं सड़क पर* लंबे समय से ग्रामीण पीने के पानी के लिए परेशान हो रहे थे। तमाम शिकायतों के बावजूद भी समस्या का निराकरण नहीं हो रहा था ऐसे में परेशान महिलाओं ने हाथों में खाली बर्तन लेकर सड़क पर बैठ गई इससे काफी देर तक आवागमन भी बाधित रहा। महिलाओं का कहना था कि रोज सुबह उठते से ही पीने के पानी के लिए हम दर-दर भटकने को मजबूर हैं जिम्मेदार हमारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं ऐसे में अब हम पानी लेने कहां जाएं। *सरपंच सचिव के सामने आक्रोश फूटा* महिलाओं के सड़क पर बैठने की जानकारी लगने के बाद सरपंच रामचंद्र मावी एवं सचिव सुंदरलाल बघेल मौके पर पहुंचे और महिलाओं को समझने लगे आक्रोशित महिलाओं का गुस्सा का सामना भी सरपंच सचिव को करना पड़ा बाद में सरपंच सचिव के आश्वासन के बाद आक्रोशिक महिलाएं मानी सरपंच सचिव का कहना था कि एक सप्ताह में नवीन नल कूप खनन करवाकर पेयजल व्यवस्था करेंगे वहीं सरपंच अपने निजी नलकूप से भी पाइपलाइन के माध्यम से पीने के पानी की व्यवस्था करेंगे। *नल जल व्यवस्था नहीं हेड पंप निजी संसाधन पर आश्रित* ग्राम पंचायत के अंतर्गत डिगलाई एवं नयापुरा गांव आता है यहां करीब 1600 ग्रामीणों की आबादी होने के साथ गांव में स्थाई रूप से नल जल व्यवस्था नहीं है वर्षभर ग्रामीण हेडपंप व निजी नलकूपों पर ही आश्रित रहते हैं। ग्रामीण अपने स्तर पर अपने-अपने साधनों से पीने के पानी की व्यवस्था जुटाते हैं। वर्तमान में 10 हेड पंप में से चार हेड पंप चालू है। *नलकूप खनन के लिए पीएचई विभाग को दिया है प्रस्ताव* सरपंच रामचंद्र मावी एवं सुंदर लाल बघेल ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व ग्राम पंचायत के माध्यम से पीएचई विभाग को नवीन नलकूप खनन के लिए भी प्रस्ताव दिया गया है जिसकी शीघ्र ही स्वीकृति आने वाली है। नलकूप खनन के बाद कुछ हद तक पेयजल की समस्या हल होगी।
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