Rajendra Devray / Fri, Jun 6, 2025 / Post views : 216
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इस साल की सबसे बड़ी निर्जला एकादशी होने से मन्दिर में प्रातः काल से ही श्रद्धालुओं का दर्शन के लिए तांता लग गया।
वही सेवादारों द्वारा श्री श्याम बाबा का आकर्षक व मनमोहक श्रंगार किया गया।
वही अनेक भक्तों द्वारा श्याम बाबा की सेवा में गुप्तदान के तहत किसी ने प्रसादी में, किसी ने फूलों के श्रंगार में, किसी ने बागा पोशाक में, किसी ने भोग प्रसादी में तो किसी ने फल-फ्रूट की प्रसादी वितरण सहित अनेक सेवाओ में सहयोग कर पुण्यलाभ अर्जित किया।
निर्जला एकादशी पर्व के चलते सुबह से ही कई भक्तजन पदयात्रा करते हुए निशान लेकर दूर दूर से भी पहुचे तथा हजारों भक्तों ने अपनी मन्नत पूरी होने की अर्जी लगाई
तथा श्याम बाबा को अतिप्रिय इतर, मोरपंख व पान का बीड़ा अर्पित किया।
उक्त सिलसिला सुबह से देर रात्रि शयन आरती तक चलता रहा।
सनातन में चार बड़ी एकादशी की बड़ी मान्यता हे :-
धार्मिक मान्यता अनुसार सनातन धर्म मे वैसे तो प्रत्येक 15 दिन में एक एकादशी आती है लेकिन साल में चार एकादशियाँ जिसमे निर्जला एकादशी, देवउठनी एकादशी, आमलकी एकादशी (आंवला एकादशी), और पापमोचनी एकादशी प्रमुख है।
निर्जला एकादशी:- यह साल की सबसे बड़ी, महत्वपूर्ण और कठिन एकादशी मानी जाती है, जिसमें बिना जल ग्रहण किए व्रत रखा जाता है तथा इस दिन व्रत और भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति के सभी कष्ट व दुख दूर हो जाते है।
देवउठनी एकादशी:- इसे हरि प्रबोधिनी एकादशी या देवोत्थान एकादशी भी कहते हैं, जो कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष में आती है।
आमलकी एकादशी (आंवला एकादशी):- यह फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष में आती है और आंवले के पेड़ की पूजा के लिए विशेष मानी जाती है।
पापमोचनी एकादशी:- यह चैत्र मास के कृष्ण पक्ष में आती है और पापों के नाश के लिए विशेष मानी जाती है।
यह हुए आयोजन:-
निर्जला एकादशी पर सुबह 6 बजे पण्डित द्वारा वैदिकमंत्रोच्चार के साथ श्रीश्याम बाबा, श्री सालासर बालाजी, श्री पशुपतिनाथ महादेव, श्रीराम व श्रीकृष्ण दरबार का पूजन अर्चन किया गया व सभी देवी देवताओं का आकर्षक फूलों व मनमोहक पोशाक से श्रंगार किया गया।
पश्चात सुबह 7:30 बजे मंगला आरती, सुबह 10:30 बजे व रात्रि 8:30 बजे भोग तथा रात्रि 11 बजे शयन आरती की गई। वही शाम 7 बजे हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में संगीतमय संध्या महाआरती की गई पश्चात श्याम सेवा प्रसादी ग्रुप द्वारा फलाहारी मिक्चर, मिठाई व फल फ्रूट की प्रसादी का वितरण किया गया।
बाबा का सजया दरबार:-
संध्याकालीन आरती पश्चात मन्दिर प्रांगण में श्याम बाबा का भव्य दरबार सजाया गया तथा ज्योत प्रज्वलित की गई जिसमें हजारों भक्तों ने सूखे खोपरे व गाय के घी की आहुतियां प्रदान कर मोर पंख से आशीर्वाद स्वरूप झाड़ा लिया।
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