Rajendra Devray / Mon, May 19, 2025 / Post views : 237
कथा के दौरान व्यासपीठ से यह संदेश दिया गया कि श्रीराम केवल एक राजा नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला और मर्यादा का प्रतिमान हैं। उनके जीवन से हम त्याग, सेवा, समर्पण, कर्तव्य और आदर्श परिवार व्यवस्था की शिक्षा प्राप्त करते हैं। प्रतिदिन कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर राम कथा का लाभ ले रहे हैं। भजन-कीर्तन, आरती व प्रसादी वितरण के साथ संपूर्ण आयोजन अत्यंत भक्तिभावपूर्ण वातावरण में संपन्न हो रहा है। यह श्रीराम कथा ग्रामवासियों में आध्यात्मिक जागरण के साथ-साथ सामाजिक समरसता और नैतिक मूल्यों के प्रति नई चेतना का संचार कर रही है। सभी ग्राम वासियों एवं आयोजन समिति एवं समस्त ग्रामीणों के सहयोग से यह आयोजन एक धर्मोत्सव का रूप ले चुका है।
रामकथा केवल कथा नहीं, आत्मा का अमृत है।
यह संदेश गांव कठोडिया की पावन धरती पर जीवंत हो उठा है।
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