कराते प्रशिक्षण शिविर का भव्य समापन, खिलाड़ियों को किया गया सम्मानित
बड़वानी 23 जून 2025/ कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में खेल एवं युवा कल्याण विभाग बड़वानी द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर 2025 का समापन समारोह
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22 जून को सेंधवा के लायंस कम्युनिटी हॉल में भव्य रूप से संपन्न हुआ।
यह प्रशिक्षण शिविर 10 मई से 10 जून तक आयोजित किया गया था, जिसमें कराते (सेल्फ डिफेंस) का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। समापन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रशिक्षित खिलाड़ी, अभिभावक, विद्यालय प्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
मुख्य अतिथि के रूप में सेंधवा नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती बसंतीबाई यादव एवं समाज सेविका श्रीमती संगीता विजय चौधरी उपस्थित थी। इस अवसर पर सेध्ंावा नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती बसंती बाई यादव ने कहा कि इस प्रकार की खेल गतिविधियाँ बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। वहीं श्रीमती संगीता चौधरी ने कहा कि बेटियाँ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन आत्मरक्षा की शिक्षा उन्हें और अधिक सशक्त बनाती है।
विशेष अतिथियों में श्री बलजीत बिसेन (थाना प्रभारी), पंडित राज मोरे (डीएसओ कोऑर्डिनेटर), अधिवक्ता विमला शर्मा (समाजसेविका), डॉ. अश्विन जैन (ब्रांड एम्बेसडर दृ स्वच्छता अभियान), हरिकृष्णा निगम (प्राचार्य, शिरपुर), सुनील प्रजापत (संचालक, सनराइज इंटरनेशनल स्कूल, पलसूद), अब्राहम उठुप (प्राचार्य, सनराइज इंटरनेशनल स्कूल, पलसूद), एवं पार्षद मेघा श्याम एकड़ी सम्मिलित हुए।
उद्बोधन में अतिथियों ने कहा कि आत्मरक्षा की शिक्षा बालिकाओं को निडर बनाती है तथा समाज और प्रशासन दोनों की साझी जिम्मेदारी है कि इसे प्रोत्साहित करें। स्वच्छता अभियान के ब्रांड एम्बेसडर डॉ. अश्विन जैन ने कहा कि स्वस्थ शरीर और सशक्त सोच से ही सशक्त भारत की नींव बनती है। विमला शर्मा ने कहा कि जब बेटियाँ सुरक्षित होंगी, तभी समाज सुरक्षित होगा। पंडित राज मोरे ने युवाओं में अनुशासन व नेतृत्व गुणों को विकसित करने हेतु खेलों को जरूरी बताया।
उल्लेखनीय है कि प्रशिक्षण का संचालन कर रहे प्रशिक्षक ने अब तक 2 लाख 60 हजार से अधिक बालिकाओं, युवतियों एवं महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षित किया है। इस सामाजिक योगदान को समारोह में विशेष सराहना मिली। सभी अतिथियों ने इसे नारी सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान बताया।
समारोह के अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह और पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। वहीं प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके सभी खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गये। अभिभावकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रशिक्षण से बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन एवं सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है। कार्यक्रम का संचालन रुक्मणि शर्मा एवं सोनिया जोशी ने किया। सहयोग में साकेत द्विवेदी, तुषार मेटकर, कृतिका जोशी, भव्या शर्मा, अभिलाषा पवार और युक्ता जोशी का विशेष योगदान रहा। अंत में अतिथियों का आभार प्रदर्शन करते हुए आयोजक सेंसई सुमित चौधरी ने कहा कि आत्मरक्षा केवल एक कला नहीं, बल्कि आत्मबल का जागरण है। खेलों और संस्कारों से समाज को नई दिशा दी जा सकती है। सभी बच्चों को कराते, सेल्फ डिफेंस और मार्शल आर्ट्स जैसी विधाएँ अवश्य सीखनी चाहिएं। शिविर का संचालन सेल्फ डिफेंस मार्शल आर्ट्स एकेडमी इंडिया के प्रशिक्षक द्वारा अनुशासन, समर्पण और टीम भावना के साथ किया गया, जिसने आयोजन को पूर्ण सफलता दिलाई।