Rajendra Devray / Mon, Apr 21, 2025 / Post views : 265


से आना गणराज हमारे घर किर्तन में भागवत सत्संग में आप भी आना संग रामजी को लाना रामजी को लाना संग लक्ष्मण जी को लाना रिद्धी सिद्धी लाना श्री गणेश वंदना के साथ प्रारंभ की। कथा में भागवत से भक्ती के भाव से भगवान को याद करने अमलावद गांव का नाम पूर्वजों ने क्यों रखा का अर्थ अ से आत्मा और म से मन ला से आत्मा और मन में भाव लाना है व से भगवान श्री विष्णु के चरण का ध्यान करना है, द से दया दमन और दान करना है। श्रीमद् भागवत में राधाजी अब आन विलोप सांवरा सेठ बहुत दिन बित गये, राधाजी के आंख के तारे श्री सांवरियां सेठ कथा में लत लग जाये कथा में डूब जाना बहुत अच्छा है, कथा का अमृत मिल जाये तो भव सागर से पार हो जाता है व्यसन मुक्त रहने पारिवारिक क्लेश को दूर करने के उपाय साधाना व पूजा पाठ करने कथा को आत्मसात कर सुनना सतगुरू आया ने सुता ने जगाया मारा किस्मत ने जगायामारे हिवड़ा में लगन लागी हनुमान जी शिवजी सहित विभिन्न वचनों के माध्यम से एक से बढ़कर एक प्रस्तुती देकर कथा का वाचन किया गया।
गांव के ललित सेन, गोपाल जोशी व ओमप्रकाश डांगी ने बताया कि कथा 27 अप्रैल 2025 तक दोपहर 12 बजे से सांय 4 बजे तक प्रतिदिन अमलावद में चलेगी। कथा में सभी धर्मप्रेमी सज्जन अधिक से अधिक संख्या में पधारकर धर्म का लाभ ले सकते है।
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