*किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत बड़वानी में पुलिस अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण*
बड़वानी: पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार, किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण देने का आयोजन आज दिनांक 20 जनवरी 2025 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागृह, बड़वानी और अनुभागीय अधिकारी पुलिस कार्यालय, राजपुर में किया गया।
यह प्रशिक्षण विशेष किशोर पुलिस इकाई, बड़वानी द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें श्री शैलेश बैरागी, समन्वयक यूनिसेफ (ममता), महिला एवं बाल विकास विभाग, बड़वानी ने अधिकारियों को विधिक प्रावधानों और प्रक्रियाओं की जानकारी दीl
1. किशोर न्याय अधिनियम 2015 का परिचय:
अधिनियम के अंतर्गत बालकों द्वारा किए गए विधि उल्लंघन और बालक/बालिका पीड़ित या देखरेख व संरक्षण की आवश्यकता वाले मामलों की पहचान और प्रावधानों की जानकारी दी गई।
अधिनियम के तहत यह स्पष्ट किया गया कि किसी भी बालक/बालिका की पहचान का प्रकाशन किसी भी दृश्य-श्रव्य माध्यम, समाचार पत्र या अन्य संचार माध्यम से करना प्रतिबंधित और दंडनीय है।
2. प्रशिक्षण का उद्देश्य:
पुलिस अधिकारियों को बाल संरक्षण से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता के साथ हैंडल करने के लिए प्रशिक्षित करना।
बच्चों के अधिकारों और उनकी गोपनीयता सुनिश्चित करने हेतु अधिनियम के कानूनी प्रावधानों को समझाना।
बड़वानी में आयोजित प्रशिक्षण में थाना पाटी, सिलावद, और अंजड़ थानों के पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।
राजपुर में आयोजित प्रशिक्षण में थाना खेतिया, निवाली, पानसेमल, राजपुर, जुलवानिया, और पलसूद के अधिकारी उपस्थित रहे।
दोनों स्थानों पर कुल 50 पुलिस अधिकारियों ने इस प्रशिक्षण में भाग लिया।
यह प्रशिक्षण बालकों से जुड़े मामलों में पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, संवेदनशील और कानूनी रूप से सुदृढ़ बनाने में सहायक होगा। अधिकारियों ने इस प्रशिक्षण की सराहना करते हुए इसे व्यावहारिक और उपयोगी बताया।
इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि सभी पुलिस अधिकारी किशोर न्याय अधिनियम 2015 के प्रावधानों को बेहतर ढंग से समझ सकें और उनका पालन सुनिश्चित कर सकें।