Rajendra Devray / Wed, Sep 16, 2026 / Post views : 20
बड़वानी में यातायात व्यवस्था सुधारने पुलिस की नई पहल
‘आस’ संस्था के कर्मचारी निभाएंगे ट्रैफिक वार्डन की भूमिका, एसपी पद्मविलोचन शुक्ल ने दिए जिम्मेदारी और अनुशासन के निर्देश
बड़वानी। जिले में यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम, व्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से बड़वानी पुलिस ने ‘आस’ संस्था के साथ मिलकर नई पहल शुरू की है। इसके तहत ‘आस’ संस्था के कर्मचारियों को ट्रैफिक वार्डन के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो प्रमुख चौराहों एवं व्यस्त मार्गों पर यातायात नियंत्रण के साथ सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने का कार्य करेंगे।

इसी क्रम में 16 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक श्री पद्मविलोचन शुक्ल ने नव-नियुक्त ट्रैफिक वार्डनों एवं ‘आस’ संस्था के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी भूमिका एवं कार्ययोजना पर चर्चा की। एसपी ने वार्डनों से सीधे संवाद करते हुए फील्ड में यातायात नियंत्रण के दौरान आने वाली संभावित चुनौतियों तथा वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के प्रभावी उपायों पर चर्चा की।
चौराहों और व्यस्त मार्गों पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक वार्डनों की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया। वार्डन पुलिस एवं यातायात विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर यातायात संचालन में सहयोग करेंगे।
इसके साथ ही वाहन चालकों को हेलमेट, सीट बेल्ट सहित अन्य यातायात नियमों के पालन के लिए जागरूक किया जाएगा। सड़क सुरक्षा को लेकर आम नागरिकों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
एसपी ने कहा—जिम्मेदारी के साथ करें कार्य
पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल ने ट्रैफिक वार्डनों से कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा, अनुशासन और सेवाभाव के साथ करें। पुलिस और संस्था के बीच बेहतर समन्वय से यातायात व्यवस्था को और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर, एसडीओपी महेश सुनैया, यातायात प्रभारी रजनी भार्गव, रक्षित निरीक्षक गजेंद्र निरवाल, उषा सिसोदिया, ‘आस’ संस्था के जिला समन्वयक संजय आर्य, संस्था के कर्मचारी एवं नियुक्त ट्रैफिक वार्डन उपस्थित रहे।
पुलिस और सामाजिक संस्था की साझेदारी से यातायात सुधार की पहल
बड़वानी पुलिस और ‘आस’ संस्था की यह पहल यातायात नियंत्रण के साथ-साथ सड़क सुरक्षा एवं जन-जागरूकता को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है। अब ट्रैफिक वार्डनों की मैदानी भूमिका से प्रमुख मार्गों और चौराहों पर यातायात संचालन को कितना प्रभावी सहयोग मिलता है, यह आने वाले समय में सामने आएगा।
कुछ और धारदार शीर्षक विकल्प:
“अब चौराहों पर दिखेंगे ट्रैफिक वार्डन, ‘आस’ संस्था के कर्मचारी संभालेंगे यातायात व्यवस्था”
“बड़वानी में ट्रैफिक सुधार का नया मॉडल, पुलिस के साथ मैदान में उतरेंगे ‘आस’ के ट्रैफिक वार्डन”
“सुरक्षित यातायात के लिए पुलिस की नई पहल, ‘आस’ संस्था के कर्मचारी निभाएंगे ट्रैफिक वार्डन की जिम्मेदारी”
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