महिमा ने अपने गायन से सभी को किया भावुक, बनना चाहती है सिंगर
बड़वानी 07 मई 2025/माँ, मेरी माँ, प्यारी माँ, मम्मा, हाथों की लकीरें बदल जायेंगी, गम की ये ज़ंजीरे पिघल जायेंगी, हो खुदा पे भी असर, तू दुआओं का है घर, मेरी माँ, मेरी माँ, प्यारी माँ, मम्मा, बिगड़ी किस्मत भी संवर जायेगी, ज़िन्दगी तराने खुशी के गायेगी, तेरे होते किसका डर, तू दुआओं का है घर, यूँ तो मैं सबसे न्यारा हूँ, पर तेरा माँ मैं दुलारा हूँ, दुनियाँ में जीने से ज़्यादा, उलझन है माँ, तू है अमर का जहां, तू गुस्सा करती है, बड़ा अच्छा लगता है, तू कान पकड़ती है, बड़ी ज़ोर से लगता है, मेरी माँ, मेरी माँ, मेरी माँ, प्यारी माँ, मम्मा. प्रतिभाशाली छात्रा महिमा त्रिवेदी ने जब इस गीत को अपनी सुमधुर आवाज में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बड़वानी के रूसा हाल में गाया तो, वहां उपस्थित सभी विद्यार्थी और शिक्षक भावुक हो गए. अवसर था स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ द्वारा युवाओं की प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने के लिए मौका तथा सुझाव देने का. यह आयोजन प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य के मार्गदर्शन में दिया जा रहा है.
हर व्यक्ति होता है यूनिक
करियर सेल की कार्यकर्ता वर्षा मुजाल्दे ने कहा कि हर व्यक्ति यूनिक होता है. उसमें कुछ ऐसी विशेषताएं होती हैं, जो उसे दूसरों से अलग करती हैं. करियर सेल विद्यार्थियों से चर्चा करके उनके गुणों और कमियों को जानने का कार्य इन दिनों कर रहा है. कमियों को जानकार उन्हें दूर करने के सुझावों पर चर्चा कर रहा है. गुणों को बढ़ाने और उनके प्रोफेशनल उपयोग करने के लिए सुझाव एवं अवसर दे रहा है. इसी क्रम में महिमा त्रिवेदी की गायन कला की जानकारी मिली. महिमा ने बिना करावके एवं म्यूजिक के सधे हुए सुरों के साथ भावप्रवण गायन किया. उन्हें संगीत के क्षेत्र में प्रशिक्षण की सुविधाओं की जानकारी दी गई, ताकि वो अपने शौक को करियर में बदलने की दिशा में आगे बढ़ सके. माँ की ममता पर केन्द्रित गीत प्रस्तुत करके सभी की सरहाना प्राप्त करते हुए महिमा ने अपनी माँ के योगदान के बारे में भी बताया. करियर कांउसलर और व्यक्तित्व विकास तथा सॉफ्ट स्किल्स के प्रशिक्षक डॉ. मधुसूदन चौबे ने तीन सौ से अधिक युवाओं से वन-टू-वन चर्चा करके उनके गुणों और कौशलों के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा उनका उपयोग करते हुए करियर उन्नयन के लिए मार्गदर्शन दिया.
संचालन शिवानी बड़ोले ने किए. सहयोग मोक्ष यादव ने किया.