मुनि श्री विवर्धन सागर जी एवं 25 अन्य साधु संतों का हुआ मंगल प्रवेश
धूम धाम से मुनि संघ की आगवानी की ,मुनिश्री ने किया धर्म सभा को संबोधत किया
बड़वानी(निप्र) परम पूज्य राष्ट्र उन्नायक युग सर्वोत्कृष्ट भारत गौरव गणाचार्य विराग सागर जी महाराज के शिष्य गणधर श्रमण मुनि श्री विवर्धन सागर जी ,परम पूज्य प्रवर्तन श्रमण विश्व नायक सागर जी ,गणिनी आर्यिका विशिष्ट मति जी माताजी ससंघ 25 मुनि आर्यिका क्षुल्लक ,क्षुल्लिका का आज प्रातः बड़वानी के निकट पार्श्वगिरी अतिशय क्षेत्र पर मंदिरों के दर्शन कर पद विहार कर बड़वानी मंगल प्रवेश हुआ ,समाज जनो ने बैंड बाजों के साथ मुनि संघ के पाद प्रक्षालन ,आरती उतार कर श्री फल चढ़ा कर चतुर्विध संघ की मंगल आगवानी की मुनि संघ ने मंदिर पहुंच कर सारे वेदियों में विराजित भगवान के दर्शन किए ,मुनिसंघ ने धर्म सभा को भी संबोधित किया ,धर्म सभा के पूर्व गणचार्य विराग सागर जी के चित्र पर दीप प्रज्वलन कर आचार्य श्री की पूजन बड़े भक्ति भाव से कर मुनि संघ का भी अर्ध चढ़ाया ,साथ ही मुनि श्री विवर्धन सागर जी ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सुख पाने के लिए धर्म कार्य करना चाहिए,पुण्य कार्य के निमित्त से ही सुख मिलता है। अपने पूर्व भव में पुण्य कार्य किए है इसलिए आपको सुख प्राप्त हो रहा है और उसी पुण्य से आपको मनुष्य जीवन अच्छा कुल,अच्छा धर्म मिला है ,अतः इस पर्याय में आपको इतना कर्तव्य करना चाहिए कि अगले भव में भी धर्म करने को मिले,अपने गुरु जिस मार्ग पर चले और आत्मा का कल्याण करे उसी मार्ग पर चले आप मुनि नहीं बन सकते तो श्रावकों के छह कर्तव्यों का पालन करो आप श्रावक के कर्तव्य करते जाओ। आप बड़े पुण्यशाली जीव ही जो सिद्ध क्षेत्र के पास रहते जिससे यहां साधु संतों का बिहार होता रहता है और आपको उनकी सेवा, आहार करवाने का मौका मिलता है और आपको पुण्य प्राप्त होता है , आपने बहुत अच्छा पुण्य,द्रव्य और क्षेत्र पाया है अतः सेवा करके पुण्य प्राप्त करे।दोपहर को मुनि संघ का स्वाध्याय,प्रतिक्रमण हुआ एवं शाम को मुनि संघ की आरती एवं आनंद यात्रा संपन्न हुई।
कल नव वर्ष गुड़ी पड़वा के उपलक्ष्य में मुनि संघ के सानिध्य में कल्याण मंदिर विधान का आयोजन हरसुख दिगंबर जैन स्कूल के चैत्यालय में किया जाएगा,
[3/29, 11:17] Manish Jain: मुनि श्री विवर्धन सागर जी एवं 25 अन्य साधु संतों का हुआ मंगल प्रवेश
धूम धाम से मुनि संघ की आगवानी की ,मुनिश्री ने किया धर्म सभा को संबोधित
बड़वानी(निप्र) परम पूज्य राष्ट्र उन्नायक युग सर्वोत्कृष्ट भारत गौरव गणाचार्य विराग सागर जी महाराज के शिष्य गणधर श्रमण मुनि श्री विवर्धन सागर जी ,परम पूज्य प्रवर्तन श्रमण विश्व नायक सागर जी ,गणिनी आर्यिका विशिष्ट मति जी माताजी ससंघ 25 मुनि आर्यिका क्षुल्लक ,क्षुल्लिका का आज प्रातः बड़वानी के निकट पार्श्वगिरी अतिशय क्षेत्र पर मंदिरों के दर्शन कर पद विहार कर बड़वानी मंगल प्रवेश हुआ ,समाज जनो ने बैंड बाजों के साथ मुनि संघ के पाद प्रक्षालन ,आरती उतार कर श्री फल चढ़ा कर चतुर्विध संघ की मंगल आगवानी की मुनि संघ ने मंदिर पहुंच कर सारे वेदियों में विराजित भगवान के दर्शन किए ,मुनिसंघ ने धर्म सभा को भी संबोधित किया ,धर्म सभा के पूर्व गणचार्य विराग सागर जी के चित्र पर दीप प्रज्वलन कर आचार्य श्री की पूजन बड़े भक्ति भाव से कर मुनि संघ का भी अर्ध चढ़ाया ,साथ ही मुनि श्री विवर्धन सागर जी ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सुख पाने के लिए धर्म कार्य करना चाहिए,पुण्य कार्य के निमित्त से ही सुख मिलता है। अपने पूर्व भव में पुण्य कार्य किए है इसलिए आपको सुख प्राप्त हो रहा है और उसी पुण्य से आपको मनुष्य जीवन अच्छा कुल,अच्छा धर्म मिला है ,अतः इस पर्याय में आपको इतना कर्तव्य करना चाहिए कि अगले भव में भी धर्म करने को मिले,अपने गुरु जिस मार्ग पर चले और आत्मा का कल्याण करे उसी मार्ग पर चले आप मुनि नहीं बन सकते तो श्रावकों के छह कर्तव्यों का पालन करो आप श्रावक के कर्तव्य करते जाओ। आप बड़े पुण्यशाली जीव ही जो सिद्ध क्षेत्र के पास रहते जिससे यहां साधु संतों का बिहार होता रहता है और आपको उनकी सेवा, आहार करवाने का मौका मिलता है और आपको पुण्य प्राप्त होता है , आपने बहुत अच्छा पुण्य,द्रव्य और क्षेत्र पाया है अतः सेवा करके पुण्य प्राप्त करे।दोपहर को मुनि संघ का स्वाध्याय,प्रतिक्रमण हुआ एवं शाम को मुनि संघ की आरती एवं आनंद यात्रा संपन्न हुई।
बिहार के बीच में पार्श्वगिरी के रस्ते में संतराम पुर से कुक्षी की ओर से बिहार कर आचार्य सुनील सागर जी के शिष्य दो मुनियों के संघ का भी आपस में मिलन हुआ ।
कल नव वर्ष गुड़ी पड़वा के उपलक्ष्य में मुनि संघ के सानिध्य में कल्याण मंदिर विधान का आयोजन हरसुख दिगंबर जैन स्कूल के चैत्यालय में किया जाएगा,