Rajendra Devray / Mon, Jun 23, 2025 / Post views : 234


। जिसके खाने के बाद करीब 15 से अधिक बच्चे वह बड़े बीमार हुए थे।इसी के विरोध स्वरूप जनजाति विकास मंच द्वारा नालछा में रैली निकालकर थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंप कर उर्स कमेटी के संचालक के सदस्यों के विरुद्ध उच्च स्तरीय जांच कर कार्रवाई की मांग की गई।
बड़ी संख्या में फूड पॉइजनिंग के शिकार हुए बच्चे को ग्रामीण को लेकर जनजाति विकास मंच में आक्रोश देखने को मिल रहा है।विकास मंच के नालछा ब्लॉक के नेतृत्व में यहां नगर में रैली निकालकर कार्यकर्ता थाने पहुंचे जहां पर उर्स कमेटी के सदस्यों के विरुद्ध कार्रवाई एवं उच्च स्तरीय जांच को लेकर मांग पत्र सोपा।
प्रकरण दर्ज करने की मांग की
जनजाति विकास मंच द्वारा थाना प्रभारी को दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि नालछा के मंदिर कुंजडा खोदरा के ग्रामीणों को मजदूरी के लिए बुलाया गया था।
तीन दिनों तक मजदूरों द्वारा कार्य किया गया उसके पश्चात मजदूर मजदूरों द्वारा मजदूरी का भुगतान मांगा गया तब उर्स कमेटी के संचालक सदस्य बिट्टू पिता अनवर खान निवासी नालछा, अजीम पिता गफ्फार निवासी इंदौर, मोहसिन पिता गफ्फार निवासी इंदौर, एवं शरीफ खान निवासी नालछा
द्वारा इन सभी ग्रामीण एवं बच्चों को मजदूरी के भुगतान के बजाए बासी चावल दिए गए थे। जिसके खाने के बाद सभी बीमार हो गए जिन्हें गंभीर स्थिति देखते हुए जिला मुख्यालय ले जाया गया था। जहां सभी का उपचार किया गया और वर्तमान में भी उपचार चल रहा है।
मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ
ज्ञापन में जनजाति विकास मंच के सदस्यों ने आरोप लगाया कि जिन मजदूरों ने उर्स के दौरान महा कार्य किया था उसका भुगतान आज तक नहीं किया गया है इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इस दौरान बड़ी संख्या में जनजाति विकास मंच के कार्यकर्ता मौजूद थे।
फोटो
नालछा थाना प्रभारी राहुल चौहान को जनजाति विकास मंच के कार्यकर्ता ज्ञापन सौंप कर उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए जाने को लेकर ज्ञापन सोपते हुए।
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