Rajendra Devray / Tue, Apr 1, 2025 / Post views : 222


एवं आज प्रातः काल 4:00 बजे से माता की बाड़ी गणपति मंदिर में जाकर अधिक संख्या मे मातृशक्तियो द्वारा ज्वारो की पूजा अर्चना की एवं अपने घर आंगन को शुद्धता कर माता जी को आमंत्रित करअपने घर ढोल बाजोसे गणगौर गीतों से गा करश्रद्धा पूर्वक ले जाकर परिवार के साथ पूजा अर्चना कर घर में बने पकवानों का भोग लगाया एवं सुहागन जोड़ों को भोजन प्रसादी कराया एवं परिवार के लिए सुख शांति और समृद्धि की कामना की ईश्वर राजा एवं रणु बाई का प्रतीक स्वरूप रथ सिंगार किया जाता है शाम को महिला समूहो द्वारा माताजी को रथ में बिठाकर ग्राम में भ्रमण करते हुए गंणगौर घाट पर ले जाकर झालरिया देकर पानी पिलाया गया एवं पुनः अपने-अपने निवास स्थान ले गए रात्रि को महिलाओं का समूह घर-घर जाकर माता जी के गीत गाकर तमोल की प्रसादी बाटी जाति है एवं हाथों मेंमेहंदी लगाई जाती है यह क्रम अर्धरात्रि तक चलता रहता है
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन