Rajendra Devray / Tue, Apr 15, 2025 / Post views : 214
मनावर।। बुजुर्गों में कहा है विद्या धन सबसे बड़ा धन होता है। वही मनावर के निजी स्कूलों के माफियाओं ने विंध्या से मोटी कमाई का जरिया ढूंढ लिया है। स्कूलों में शिक्षा देने के लिए स्कूल संचालक पहले से ही करोड़ों रुपए की मोटी फीस वसूल रहे थे। इस कारोबार में धन्ना सेठो ने करोड़ो रूपये के भवन भी बना लिए हैं। अब इनके द्वारा नया खेल चालू कर दिया गया है। जिसमें अपने स्कूल की पुस्तके अनुबंधित दुकानों पर ही यह लोग बेच रहे हैं। पहले स्कूल यूनिफार्म किसी एक दुकान से ही लेना होती थी। पर अब पुस्तक और बच्चों के लिखने वाली कॉपियां भी किसी विशेष व्यापारी से ही लेना होगी। मनावर के विधोदय इंटरनेशनल स्कूल की पुस्तके तो मनावर के एक कपड़े किराये से देने वाले दुकानदार जिसका नाम सोनिका गारमेंट है वहां पर मिल रही है। वही इस वर्ष 5 वी क्लास की पुस्तकों पर कंपनी ने 5250 रूपये एम आर पी लिख रखी हैं। वही इन पुस्तकों को प्रकाशित करने वाली निजी कंपनी *द लीड स्टूडेंट* नाम से इन कोर्स को प्रकाशित करती है। जिसका कोई उचित बिल पालकों को उपलब्ध नहीं कराया जाता है। शिक्षा पर होने वाला खर्च आयकर से छूट की श्रेणी में आता है। जैसे स्कूल फीस, बस का किराया, विद्यालय की किताबें, विद्यार्थी के कपड़े इत्यादि इन पर बिल प्राप्त करना ग्राहक का अधिकार है।
इन पुस्तकों में लिखने हेतु कापी अलग से लेना होगी। यह बात शिक्षा विभाग के अधिकारी लक्ष्मण सिंह देवड़ा , डी पी सी प्रदीप खरे, धार कलेक्टर प्रियंक मिश्र के संज्ञान में डाली गई है। जिस पर सभी अधिकारियों ने कहा कि अगर इतना महंगा कोर्स बेचा जा रहा है। तो इसकी जांच की जाएगी। साथ ही बिना किसी उचित बिल पर यह खरीदी बिक्री की जा रही है, जो कि अवैध है। जीएसटी बिल के बिना बिक्री नहीं की जा सकती है। उदाहरण के लिए अगर स्कूल में 1000 बच्चे अध्यनरत है। तो प्रति विद्यार्थी के अनुसार अगर 5000 का कोर्स और 1000 की पुस्तक जोड़ी जाए। तो 60 लख रुपए का सीधा व्यापार होता दिखाई देता है। जिसका कोई उचित लेखा-जोखा नहीं है।
पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से भी चर्चा की जा रही है। इस पूरे खेल में मोटी कमाई करने वाले विद्यालयों एवं निजी कंपनियों की जांच करवाना अत्यधिक आवश्यक है। क्योंकि भारत मे विद्या प्राप्त करना मौलिक अधिकार है और इसका व्यापार गरीब परिवारों को शिक्षा से वंचित करता जा रहा है।
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