Rajendra Devray / Thu, Mar 13, 2025 / Post views : 205

मनावर
परम पूज्यनीय, प्रात: स्मरणीय,वंदनीय, तपोनिषठ,परमहंस, श्रीश्री 1008 श्रीगजानन जी महाराज का 105 अवतरण दिवस वैदिक परंपराओं,श्रीमदभगवद् गीता,उपनिषदों के कर्मानुसार मनाया गया। ये काशी वाराणसी क्षेत्रस्थ मारुति शास्त्री के शिष्य थे। गजानन जी महाराज दिनांक 6 मार्च से 13 मार्च तक अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में कई धार्मिक कार्यक्रमो का आयोजन हुआ। भागवत कथा पंडित सुभाष शर्मा, वेदों का पारायण महाराष्ट्र से आए सवानंद धाईगुड़े गुरुदेव, एवम उनकी टीम द्वारा किया गया ।बड़ी विशाल संख्या में गुरु भक्तो की शोभायात्रा मे उपस्थिती रही। शोभा यात्रा आश्रम से हनुमान मंदिर होते हुए श्री राम मंदिर, योग माया मंदिर ,शीतला माता मंदिर , बाबा जी का जन्म भूमि से होते हुए वापस श्री धाम में समापन किया गया ।यहां पर गुरुदेव ,रामायण की आरती की गई। ।भागवत कथा पंडित सुभाष चंद्र शर्मा ने सप्तम दिवस पर विभिन्न कथाओं का वर्णन किया गया। विशाल पैमाने पर भंडारा हुआ ,जिसमे लगभग 2,75,000 भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की। पुरा गांव विद्युत से साज- सज्जा किया गया । गणतंत्र मेला मंगला देवी के नाम से मनावर में लगता है उसी के तहत यहां भी इस टाइप से मेला लगा। सिद्ध रूद्राक्ष भक्तों को वितरण किया गया। अपने कर्म करते हुए योगेश जी महाराज एवम सुधाकर जी महाराज के 18 वर्ष हो गए। अखिल भारतीय नार्मदीय ब्राह्मण महासभा के द्वारा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ जिसमें 21 शहरों से मातृशक्ति ने प्रस्तुति दी थी जिसमें खरगोन इकाई के मातृ शक्ति द्वारा समुद्र मंथन का अच्छा दृश्य चलचित्र एवम नृत्य प्रस्तुती दी गई थी जो सर्वप्रथम रही। ढोल,आदिवासी नृत्य ,दक्षिण भारत के कलाकारो द्वारा शोभायात्रा मे नृत्य किये।भंडारे मे राधेश्याम जी मोलवा,जगदीश चन्द्र पाटीदार, पन्नालाल गहलोत, सपना पंवार,दिव्या, वरूण्या,आराध्या एवम अन्य भक्तगणो का सहयोग रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन