Rajendra Devray / Fri, Apr 11, 2025 / Post views : 236



मनावर।। शहर में इंदौर रोड, सिधाना रोड, धार रोड और मुख्य बाजार वाले रोड में जाने के लिए चारों ओर दुकानदारों ने 10-10 फीट तक सड़क के दोनों ओर से कब्जा कर रखा है। नगर पालिका प्रशासन की घोर लापरवाही बाजार में नजर आती है। मनावर की हलत ऐसे बना रखी हैं, कि यहाँ खरीदी करने के लिए आने वाले 40 गांव के लोग बिना वजह परेशानी का सामना करते हैं। इन्ही लापरवाही के कारण रोज़ घण्टो तक लोगो को जाम का सामना करना पड़ता है। नगर में कहीं भी शौचालय उपलब्ध नहीं है। नगर पालिका ने मात्र बस स्टैंड के ऊपर एक शौचालय बना रखा है। नगर पालिका के पास सिंघाना रोड ,इंदौर रोड, धार रोड ,पर कितनी ही दुकान नाम मात्र के किराए पर दे रखी है। जिसका किराएदार समय पर किराया भी नहीं दे रहे हैं। उसके बावजूद भी नगर पालिका उन पर रहम बरसती है और उनको खाली नहीं करवा रही है। जहां 40 वर्ष पूर्व शौचालय थे, वहां पर नगर पालिका व पूर्व में बनने वाले अध्यक्ष तथा पार्षदों ने नगर पालिका कर्मचारीयो एवं अधिकारियों के साथ मिल कर पूर्व के सभी शौचालयों को दुकानों में बदल कर आम नागरिकों के लिए बने बाजार में शौचालय हड़प लिए है। जिससे आम व्यक्ति को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मनावर में चारों मेन रोड पर 10 बाय 10 के चार शौचालय और बाथरूम निर्माण करना अति आवश्यक है। जिससे आने वाले गांवो की जनता और नगर के व्यापारी व दुकानदारों को सुलभता से शौचालय मिल सके। आने वाली जनता के लिए मनावर में कहीं पर भी पार्किंग की कोई भी व्यवस्था नगर पालिका के द्वारा नहीं की जा रही है। जिसके कारण इधर-उधर लोग वाहन खड़े कर देते हैं। जिससे जाम की समस्याएं बनी रहती है। ठेले वालों के लिए नगर पालिका ने कोई भी नियम नहीं बना रखे हैं। वह मनचाही जगह पर ठेला खड़ा करके अपना व्यापार कर रहे हैं। वही सभी दुकानदार अपनी दुकान की सीमा के बाहर 10-10 फिर तक अतिक्रमांक करके बैठे हैं। वहीं उसी दुकान के ग्राहक अपने चार पहिया या दो पहिया वाहन खड़े करते हैं। जिसकी वजह से पूर्ण रूप से रोड अवरुद्ध हो जाता है। ऐसे में नगर पालिका प्रशासन सख्ती से कार्य कर इस अतिक्रमण को शीघ्र से शीघ्र दूर करें। दूसरी ओर अल्ट्राटेक और सागर सीमेंट के बड़े-बड़े ट्राले गांधी चौराहे पर टर्न होने में परेशान होते हैं। बस स्टैंड के अंदर प्रवेश करने के लिए तीनों रोड के ऊपर दुकानदारों ने अपनी दुकान लगा रखी है। धार रोड तरफ मोची ने दुकान लगाकर बैठता है। सिंघाना रोड तरफ दूधवाला दुकान लगाकर बैठता है। जिसकी सीमा बढ़ाते बढ़ाते इतनी बढ़ गई है, कि अंदर बस का प्रवेश करना भी मुश्किल है। इस तरह स्टेशन से बाहर निकलने वाली गाड़ी को चार बार रोकना पड़ता है। तब कहीं जाकर वह रोड पर चल पाती है। क्या यह सारी चीज नगर पालिका के अधिकारी नहीं देख पा रहे हैं। क्या अपनी जेब भरने में सारे अधिकारी खुश है। वहीं नगर पालिका के द्वारा डिवाइडरों का जो निर्माण किया जा रहा है। उसकी डिजाइन कहीं से कहीं तक डिवाइडर के रूप में नहीं है। भारी भरकम सीमेंट ब्लॉक रोड़ के बीच में खड़े कर दिए गए हैं। जिसमे मजबूती नाम मात्र नहीं है। इंजीनियर की ने जो डिजाइन बनाई है वह पूर्ण रूप से विफल है। डिवाइडर बनते बनते टूट रहे हैं। उसके बावजूद भी नगर पालिका के अधिकारी मौन है। ठेकेदार पर कोई भी कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। मनावर को चारों रोड पर शौचालय व पार्किंग के लिए नगर पालिका अतिक्रमण व अन्य जगह खाली कर यह व्यवस्था शीघ्र से शीघ्र करें। मनावर की जनता इन परेशानी के चलते मनावर को स्वच्छ कैसे माने। बड़े बड़े महानगरों में में चौराहे पर शौचालय बने हैं। जिन जगहों पर करोड़ों रुपये का किराया आ सकता है। वहां शौचालय नगर निगम ने बना रखे है। वही मनावर में 250 रूपये से 800 रूपये किराया पाने के चक्कर में दुकानों को किराए पर भाई भतीजा वाद के कारण दे दी हैं। डिवाइडरों को लेकर नगर कांग्रेस अध्यक्ष ओम सोलंकी ने ज्ञापन देकर यह जानकारी भी दी है। कि गांधी चोक से इंदौर रोड व सिंघाना रोड पर चल रहे घटिया निर्माणाधीन डिवाइडरो के कार्यों की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। ओम सोलंकी का कहना है कि नगर पालिका सीएमओ को मोबाइल पर एक माह पूर्व भी जानकारी देकर अवगत करवाया था, कि गांधी चोक से इंदौर रोड पर बन रहे डिवाइडरो का निर्माण बहुत ही घटिया व स्तरहीन कार्य चल रहा है। डिवाइडर के जो बीम बनाये गये है। उनके सरिया भी जाइंट वाले लगा दिये गये है। जबकि बिम में जाइंट वाला सरिया नहीं लगाना चाहिए था। जिसके कारण कालम व बीम में किसी भी प्रकार की मजबूती पकड नहीं होती। अभी वर्तमान में सिंघाना रोड पर भी डिवाइडर का निर्माण कार्य चल रहा है इदौर रोड और सिंघाना रोड दोनो तरफ डिवाइडर का कार्य चालू है। परंतु अभी से ही दोनो डिवाइडर टूटने व उखड़ने लगे है। जिसकी इलेक्ट्रानिक मीडिया पर भी विडियो एवं फोटो वाइरल हुई है। जिस पर नगर पालिका निर्माण समिति के सभापति, पार्षद कैलाश राठौड ने भी माना है, कि ठेकेदार द्वारा डिवाइडरो का सही निर्माण नही किया जा रहा है। जबकि उक्त डिवाइडरो की लागत 18 लाख रूपये तीनो रोड की बताई जा रही है। इतनी लागत के बाद भी इतना घटिया स्तर का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इलेक्ट्रानिक मीडिया पर खबर के चलते ही ठेकेदार के द्वारा आनन फानन में डिवाइडरो को रिपेयर का कार्य प्रारंभ किया जाने लगा। रिपेयर करके उन डिवाइडरो पर सफेद सीमेंट भी पोत दी गई है। जिससे किये गये घटिया निर्माण कार्य को छिपाया जा सके। इस तरह से नगर के पैसे को कोई कैसे बरबाद कर सकता है। इसलिए जनता ने जांच कर कार्यवाही की उम्मीद की है। समय रहते उक्त डिवाइडरो के निर्माण कार्य को ठीक से करवाया जावे और जो बन चुके घटिया स्तर के डिवाइडर की उच्च स्तरीय जाचं एजेन्सी से जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही कर आर्थिक नुकसानी वसूलने की कार्यवाही की जाए। जिससे नगर पालिका परिषद का आjर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
इस संबंध में नगर परिषद के सीएमओ चर्चा करना चाही लेकिन उन्होंने मोबाइल उठाना उचित नहीं समझा
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