Rajendra Devray / Sun, Apr 6, 2025 / Post views : 218

64 योगिनी मानसरोवर वाली माता मंदिर जीरापुरा में उमड़ा आस्था व श्रद्धा का जन सैलाब
नालछा/नवमी पर्व पर 64 योगिनी मानसरोवर माता मंदिर जीरापुर में आस्था व श्रद्धा का जन सैलाब उमड़ पड़ा। निमाड़ की कुलदेवी के नाम से प्रसिद्ध माता के मंदिर में अष्टमी की सुबह से ही श्रद्धालुओं को आने का सिलसिला शुरू हो गया था। देखते ही देखते देर शाम तक हजारों की संख्या में श्रद्धालु या पहुंचे और मानसरोवर तालाब में डुबकी लगाकर माता की आराधना की रामनवमी की सुबह पूरा परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया था। करीब 60 हजार से अधिक श्रद्धालुओ ने यहां पहुंचकर मानसरोवर तालाब में डुबकी लगाई। इधर अष्टमी की रात में मालवा सेवा समिति द्वारा भजन संध्या आयोजित की गई जिसमें कलाकारों द्वारा भजन के साथ रंगारंग नृत्य नाटिकाओं की प्रस्तुति दी गई।
64 योगिनी माता धार जिले सहित अन्य जिलों में काफी प्रसिद्ध तीर्थ स्थान के रूप में जाना जाता है चेत्रीय नवरात्रि के दिनों में यहां काफी महत्वपूर्ण माना जाता है समूचे निमाड़ अंचल से श्रद्धालु यहां आकर अपनी कुलदेवी माता की पूजा अर्चना करते हैं। सभी श्रद्धालु अपने घरों से अपनी कुलदेवी और पूजा सामग्री लेकर मानसरोवर तालाब में पहुंचते हैं और तालाब में डुबकी लगाकर माता की आराधना करते।
गरबो पर झूमे श्रद्धालु
मालवा सेवा समिति द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया गया जिसमें विधायक कालू सिंह ठाकुर एवं वरिष्ठ समाजसेवी मोहनलाल शर्मा द्वारा माताजी को चुनरी चढ़कर भजन संध्या का शुभारंभ किया इस अवसर पर मंच पर वरिष्ठ पत्रकार सुनील शर्मा, मंडल अध्यक्ष रघु निनामा, बगड़ी मंडल अध्यक्ष लोकेंद्र चौधरी विधायक प्रतिनिधि डॉक्टर महेश यादव, सरपंच कैलाश मावी,संतोष राठौड़, मनोज मोदी आदि मौजूद थे संचालन शिक्षक राजेश राठौड़ ने किया।रतलाम के जीतू तोहरा के ग्रुप द्वारा निराकरण प्रस्तुति दी गई जिसमें भजनों पर देर रात तक श्रद्धालु घूमते रहे पूरी रात श्रद्धालुओं द्वारा रात्रि जागरण कर माता की आराधना की गई इधर मंदिर परिसर में आयोजित मेले में अलग-अलग दुकान भी लगी थी श्रद्धालुओं ने मेले में जमकर खरीदी की।
सत्यवादी तेजाजी महाराज की कथा के साथ भंडारे का आयोजन
अनिल आर्य मित्र मंडल द्वारा यहां श्री सत्यवादी तेजाजी महाराज की कथा का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। साथ ही उनकी ओर से निशुल्क भंडारे का आयोजन किया गया जो की अष्टमी की शाम 5 से शुरू होकर रामनवमी तक चला जिसमें हजारों श्रद्धालुओ ने भोजन प्रसादी ग्रहण की।
खास खास
*अष्टमी की सुबह से लगाकर रामनवमी की शाम तक करीब 60 हजार श्रद्धालुओ ने मानसरोवर में डुबकी लगाकर मां की आराधना की।
*नवरात्रि के नौ दिनों में यहां करीब डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं में पहुंचकर आस्था व श्रद्धा की डुबकी लगाई।
*लुनेहरा से जीरापुरा तक सैकड़ो श्रद्धालु पैदल चलकर पहुंचे मां के दरबार में।
*श्रद्धालु ने पूरी रात रात्रि जागरण कर की माता जी की पूजा आराधना।
* मेले में लगी दुकानों पर जमकर की श्रद्धालुओं ने खरीदारी।
*मालवा सेवा समिति की भजन संध्या में गरबो पर झूम उठे श्रद्धालु।
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