: ग्राम शंकरपुरा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया पंडित विजय कृष्ण शास्त्री के श्री मुख से कथा का रसपान भक्त जन कर रहे हे
ग्राम शंकरपुरा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया
आलकी की पालकी जय कन्हैया लाल की जय घोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा
बगड़ी/ग्राम शंकरपुरा में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन गुरुवार को श्री कृष्ण जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया।आलकी की पालकी जय कन्हैया लाल की जय घोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। नंद बाबा सर पर टोकरी में बाल रूपी श्री कृष्ण को चल समारोह के रूप में कथा स्थल पर ले माखन मिश्री उड़ते हुए श्रद्धालु झूम-झूम कर नाचे।
भागवत कथा के दौरान आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं पूरा क्षेत्र धर्म में वह भक्ति में हो चुका है चौथे दिन इंदौर से पधारे पंडित विजय कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्री कृष्णा के जन्मोत्सव व बाल लीलाओं का वर्णन बड़े ही मनोहरी तरीके से किया।
चल समारोह में झूमे भक्त
श्री कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर नंद बाबा सर पर टोकरी में बाल रूपी श्री कृष्ण को लेकर एक चल समारोह के रूप में निकाले जिसमें श्रद्धालु ढोल धमाकों के साथ नाचते गाते हुए चल रहे थे जैसे ही चल समारोह कथा स्थल पर पहुंचा तो वहां एक साथ एक स्वर में आलकी की पालकी जय कन्हैया लाल की जय घोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। पुष्प वर्षा के साथ जमकर माखन मिश्री भी उड़ाया गया श्रद्धालुओं ने बाल रूपी श्री कृष्ण के दर्शन कर पूजा आराधना की।
जब जब भी अधर्म बड़ा तब तब भगवान का आगमन हुआ
पंडित श्री शास्त्री ने भागवत कथा व जन्म कल्याण के वृतांत के बारे में बताते हुए कहा जब जब भी अधर्म बड़ा तब तब भगवान का आगमन हुआ हे। उन्होंने कहा कि रावण का पाप बड़ा तो भगवान राम जी का आगमन हुआ
कंस के पाप बड़े तो भगवान श्री कृष्णा अवतरित हुए।कलियुग में पाप बढ़ेगा तब कल्कि भगवान का आगमन होगा।
जिस घर में गैया मैया है वहाँ कन्हैया विराजमान है सभी को गाय की सेवा करना चाहिए तीर्थों में जाकर गंदगी नहीं करना चाहिए ।नर्मदा स्नान से तीर्थों का फल मिलता है। महा आरती के साथ महाप्रसाद जी का वितरण किया गया।