Rajendra Devray / Tue, Apr 22, 2025 / Post views : 255

धनी जैन नारी गौरव है, डॉ . सुधा जी ने भारतवर्ष के नाम की उत्पत्ति प्रथम तीर्थंकरआदिनाथ जी के पुत्र भरत से जोड़ते हुए समाज़ को धर्म की मूल पहचान से जुड़ने की प्रेरणा दी 1008 श्री महावीर जन्म कल्याणक के अवसर पर वीर श्राविका का सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया । इस अवसर पर आपने कर्नाटक कीशांतला देवी का उदाहरण देते हुए कहा कि महिलाओं की शक्ति पुरुषों से भी ज़्यादा होती है इस अवसर पर प्रदेश स्तर के लिए 30 नाम आए थे उसमें से तीन नाम राष्ट्रीय स्तर पर चयन किए गए । *प्रथम नाम उपलब्धि जैन इंदौर* *द्वितीय स्थान नम्रता शाह झाबुआ तृतीय स्थान सरोजी खंडवा जैन* ने प्राप्त किया ।प्रदेश स्तर पर चार नाम हर्षा देवेंद्र रुनवाल जी धार शारदा जी जैन देवास ज्योति जी इंदौर जयश्री जी शाह भोपाल के चुने गए इसके अलावा जो आपने श्रीमती कविता जी भोपाल डॉक्टर कीर्ति जी खरगोन ज्योति हरिश जैन खरगोन श्रीमती इंदिरा प्रकाश चंद संचेती जैन खरगोन श्रीमती सपना मनीष जैन बड़वानी श्रीमती मनीषा शाह भोपाल श्रीमती नीना बड़वानी श्रीमती साधना जैन भोपाल श्रीमती कल्पना जैन देवास श्रीमती प्रेम बाला जैन देवास श्रीमती प्रवीण पहाड़िया बड़वानी श्रीमती रेखा विजय मेहता धार श्रीमती मीना जैन शिवपुरी श्रीमती अंजना जैन शिवपुरी श्रीमती स्वाति बांझल शिवपुरी श्रीमती प्रीति जैन धामनोद श्रीमती पुष्पा पांडे इंदौर श्रीमती सरिता बाबेल झाबुआ श्रीमती निशा जैन सागर श्रीमती सौम्या जैन इंदौर श्रीमती सुलेखा जैन भोपाल श्रीमती वीणा जैन खंडवा के कार्यों की भी अनुमोदना की गई ।सभी ने वीर श्राविका सेवा सम्मान की सराहना की और सभी बहनों को उत्कृष्ट कार्यों के लिए बधाई दी.
कार्यक्रम की रूपरेखा व संयोजन एवं समन्वय मध्य प्रदेश अध्यक्षा बरखा विवेक जी बड़जात्या बाकानेर ने पूरी निष्ठा से निभाई आपने समाज की महिलाओं को एक मंच पर लाकर नारी शक्ति का सशक्त प्रदर्शन किया.
संचालन प्रदेश कार्याध्यक्ष मंजू बाला जैन देवास ने किया कार्यक्रम की मीडिया प्रभारी झाबुआ जिला अध्यक्ष पुष्पा शाह वह युवा प्रधान प्राची जी रही यह आयोजन केवल एक सम्मान समारोह नहीं बल्कि जैन धर्म समाज की एकता और नारी शक्ति का जीवंत प्रमाण है।
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