Rajendra Devray / Thu, Jul 10, 2025 / Post views : 288





परंपरा का उत्सव है जहाँ ज्ञान को सर्वाेच्च स्थान दिया गया है और गुरु को ईश्वर का रूप माना गया है। इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से शैक्षणिक संस्थान विद्यार्थियों के भीतर गुरु-शिष्य परंपरा के मूल्यों का सिंचन करते हैं और उन्हें संस्कृति से जोड़ते हैं।
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