Rajendra Devray / Sat, Jun 28, 2025 / Post views : 255
* धरमपुरी सेक्टर मीटिंग में आशा कार्यकर्ताओं और धरमपुरी सीएचओ नरेंद्र सिंह चौहान के बीच हुवा विवाद, मामला पहुंचा थाने दोनो पक्षों ने दिया आवेदन ।
*अशोभनीय भाषा को लेकर हंगामा, सीएचओ और आशा कार्यकर्ताओं ने दर्ज कराई शिकायत।*
*दोनों पक्षों ने, थाने में दिए शिकायती आवेदन।*
*धरमपुरी स्वास्थ्य केंद्र में तकरार, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप।*
धार जिले के धरमपुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित सेक्टर मीटिंग के दौरान, उस समय विवाद की स्थिति बन गई जब सीएचओ नरेंद्र सिंह चौहान और आशा कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हो गई। बहस इतनी बढ़ गई कि, दोनों पक्षों को थाने का रुख करना पड़ा और एक-दूसरे के खिलाफ लिखित शिकायतें आवेदन देना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, दोपहर 12 बजे आयोजित बैठक में सभी आशा कार्यकर्ता, अन्य स्वास्थ्य कर्मी तथा सीएचओ नरेंद्र सिंह चौहान मौजूद थे। बैठक के दौरान, कार्यों को लेकर चर्चा चल रही थी, आशा कार्यकर्ताओं का आरोप हैं कि, चर्चा के सीएचओ नरेंद्र चौहान, आशा कार्यकर्ताओं पर भड़क उठे और सार्वजनिक रूप से अशोभनीय अभद्र भाषा का उपयोग किया। वही अस्पताल में उपस्थित एक गर्भवती महिला ने भी मीडिया से घटना की जानकारी दी और बताया कि यहां मीटिंग के दौरान एक सर ने, अभद्र भाषा का प्रयोग किया हैं। घटना के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में समस्त आशा कार्यकर्ताओं ने, हंगामा कर दिया और सामूहिक रूप से धरमपुरी थाने पहुंच कर, थाना प्रभारी को लिखित शिकायत आवेदन सौंपते हुए सीएचओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
वहीं दूसरी ओर, सीएचओ नरेंद्र सिंह चौहान ने भी अपने साथियों के साथ मिलकर थाने में आवेदन दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि वे इंदौर के निवासी हैं और इस विवाद के चलते उन्होंने अपनी जान को खतरा बताया और उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की है और अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया। वहीं इस पूरे मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। मौके पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी स्थिति को संभालने के लिए लंबे समय तक नहीं पहुंचे, जिससे विवाद और अधिक बढ़ गया। फिलहाल धरमपुरी पुलिस ने दोनों पक्षों के आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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