मांडव 300 से अधिक खंडहरों और इमारत वाला शहर मांडू विश्व के पटल पर रखता है अपनी पहचान
मालवा निमाड़ का हृदय स्थल मांडू विश्व के पटल पर एक अपनी अनोखी पहचान रखता है मालवा का यह प्राचीन दुर्ग विंध्याचल पर्वत श्रृंखला पर बसा है एक और मांडू के चारों और बारिश के दिनों में बहते झरने का शोर इस संगीत की नगरी में संगीत सुनता है तो दूसरी ओर जमीन पर इन इमारत से बातें करते बादलों का दृश्य झूमने को मजबूर कर देता है प्रकृति का यह अनुपम और नैसर्गिक सौंदर्य पर्यटकों को मांडू की ओर खींच लाता है अभी बारिश की शुरुआत हो चुकी है और मांडू अपने पूरे शबाब पर है प्रकृति के अनुपम सौंदर्य और कोहरे के लिबास में लिप्त में ऐतिहासिक इमारत को निहारने हजारों की संख्या में पर्यटक मांडू पहुंच रहे हैं मांडू में केंद्रीय पुरातत्व विभाग की सुरक्षित 61 इमारतें हैं इसके अलावा 17 राज्य पुरातत्व विभाग के संरक्षण में सुरक्षित है इसके साथ-साथ ही मांडू में अनेकों खंडहर देखे जा सकते हैं
प्री वेडिंग वीडियो शूटिंग और फिल्म इंडस्ट्री के लिए बेहतर जगह
मांडू के सौंदर्य को देखते हुए प्री वेडिंग वीडियो शूटिंग और फिल्म इंडस्ट्री के लोग अब ज्यादा से ज्यादा मांडू पहुंचने लगे पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस वर्ष प्री वेडिंग का ग्राफ काफी बड़ा है मांडू का फिल्म इंडस्ट्री से भी गहरा नाता रहा है बड़े पर्दे की कहानी फिल्में यहां पर फिल्मांकन जा चुकी है
बेजोड़ है मांडू की इमारतो का वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
मांडू के जहाज महल हिंडोला महल बाज बहादुर का महल रानी रूपमती महल सहित तमाम महलों पर प्राचीन काल से वर्षा जल संग्रहण किया जाता रहा है इन महलों के नजदीक कुएं बावड़ी तालाब में इमारत का पानी सीधे पहुंचता है यह सिस्टम आज भी वैसा ही है
जंगल सफारी और जू आने से बढ़ सकता है पर्यटन
वन संपदाओं से परिपूर्ण यह शहर में पर्यटन की अपार संभावना है ईश्वर अगर ध्यान दिया जाए तो शहर में पर्याप्त जंगल है जहां पर जंगल सफारी और जू जैसी योजना मांडू के पर्यटन को संजीवनी का काम करेगी दुर्भाग्य है कि शासन इस और ध्यान नहीं देना चाहता मांडू में आया हुआ करोड़ों का तितली पार्क भी आज तक अधूरा पड़ा है
मांडू में मूलभूत सुविधाओं की कमी
पर्यटन नगरी मांडू विश्व के पटल पर अपना एक अनोखा नाम तो रखती है लेकिन इस और शासन का कोई ध्यान नहीं है मांडू आज भी मूलभूत सुविधाओं का मोहताज है पेयजल पार्किंग
-शौचालय
-संकेतक बोर्ड मांडू का मानचित्र
-मांडू के दोनों और आने वाले घाट क्षेत्र में मुख्य मार्ग पर -नहीं है सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
-मांडू का नहीं है व्यापक प्रचार प्रसार
-प्रशासनिक कैलेंडर में प्रतिवर्ष होने वाले मांडू उत्सव का नहीं है कोई जिक्र
-व्यापक प्रचार प्रसार का अभाव
-25 किलोमीटर की दूरी से आज तक नहीं पहुंच पाई नर्मदा जल योजना
-उज्जैन ओंकारेश्वर ओरछा को मिली बड़ी सौगात है मांडू आज भी अछूता
-दो मर्तबा g20 में अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों के दलों की मेजबानी कर चुका है मांडू