Rajendra Devray / Tue, Sep 15, 2026 / Post views : 293
नालछा कन्या स्कूल में भारी लोहे का गेट गिरा, सातवीं की छात्रा गंभीर घायल
पैर में 10 से अधिक टांके, जिला अस्पताल में भर्ती; पिता बोले—हादसे के बाद स्कूल से नहीं आया कोई फोन, प्राचार्य ने कहा—गेट खोलने के प्रयास के दौरान हुआ हादसा

नालछा। धार जिले के नालछा स्थित शासकीय कन्या हाई स्कूल में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब स्कूल परिसर का भारी-भरकम लोहे का गेट अचानक गिर गया और उसकी चपेट में आने से कक्षा सातवीं की छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल छात्रा चांदनी पिता रघु बारिया, निवासी कंकालपुरा को उपचार के लिए पहले नालछा अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे धार जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसके पैर में 10 से अधिक टांके लगाए गए।
गेट की चपेट में आई छात्रा

बताया गया कि छात्रा स्कूल पहुंचने के बाद परिसर के गेट के पास थी। इसी दौरान लोहे का गेट गिर गया और छात्रा उसके नीचे दबकर घायल हो गई। हादसे के बाद छात्रा को तत्काल उपचार की आवश्यकता पड़ी। जिला अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा उसका उपचार किया गया तथा उसे भर्ती रखा गया है।
जिला अस्पताल के डॉक्टर वैभव देवड़ा के अनुसार छात्रा को चोट लगी है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।
पिता का आरोप—स्कूल से नहीं आया कोई फोन
छात्रा के पिता रघु बारिया ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि हादसे के बाद स्कूल की ओर से उन्हें फोन तक नहीं किया गया। उन्हें अन्य लोगों के माध्यम से जानकारी मिली कि उनकी बेटी स्कूल में गेट गिरने से घायल हो गई है। इसके बाद वे स्वयं बच्ची को अस्पताल लेकर पहुंचे।
पिता का कहना है कि स्कूल प्रबंधन की ओर से किसी व्यक्ति द्वारा घायल छात्रा को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था भी नहीं की गई। घटना के बाद उन्होंने स्कूल परिसर में लगे भारी लोहे के गेट की सुरक्षा और उसकी स्थिति को लेकर भी चिंता जताई है।
प्राचार्य बोले—गेट खोलने के प्रयास में हुआ हादसा
वहीं, शासकीय कन्या हाई स्कूल के प्राचार्य राजेश शर्मा ने स्कूल प्रबंधन पर लगाए गए लापरवाही के आरोपों से अलग घटनाक्रम बताया। उनका कहना है कि छात्रा सुबह जल्दी स्कूल पहुंच गई थी और गेट पर चढ़कर अंदर प्रवेश करने के लिए गेट खोलने का प्रयास कर रही थी। इसी दौरान गेट गिर गया और छात्रा घायल हो गई।
प्राचार्य ने बताया कि घायल छात्रा का उपचार जिला स्तर पर चल रहा है और फिलहाल उसका स्वास्थ्य ठीक बताया गया है। उन्होंने कहा कि गेट प्रतिदिन लगाया जाता है और उनकी जानकारी के अनुसार गेट में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं थी। दो दिन की छुट्टी के बाद मंगलवार को स्कूल खुला था। घटना की जांच की जा रही है।
स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्कूल परिसर में लगा भारी लोहे का गेट आखिर किस स्थिति में था और उसके संचालन तथा सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी? यदि गेट पर चढ़कर उसे खोलने की स्थिति बनी, तो क्या वहां छात्रों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था थी? वहीं, यदि गेट में तकनीकी या संरचनात्मक समस्या नहीं थी, तो वह अचानक किस कारण से गिरा—यह भी जांच का विषय है।
बच्चों की सुरक्षा से जुड़े ऐसे मामलों में केवल घटना के बाद उपचार कराना पर्याप्त नहीं है। स्कूल परिसर में लगे गेट, दरवाजे, खिड़कियां, भवन, बिजली व्यवस्था और अन्य संसाधनों की नियमित सुरक्षा जांच बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी बच्चे को ऐसी दुर्घटना का सामना न करना पड़े।
फिलहाल छात्रा चांदनी का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। घटना की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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