Rajendra Devray / Fri, Apr 4, 2025 / Post views : 237
नुसारअपार श्रद्धालुओं का आगमन नवरात्रि प्रारंभ से ही होता हैप्रतिदिन श्रद्धालुओं की आगमन की संख्या निरंतरबढ़ती जाती है अष्टमी के रोज अपार भक्तों की उपस्थिति होती है सुबह से लगाकर नवमी तक मेला लगा रहता है मन्नत धारी श्रद्धालु अपनी मनसा अनुसार मन्नत मांगते है उस आस्था के साथ माता की दरबार में आकर माता के चरणों में पूजन पाठ कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे माता जी के द्वार पर जो भी इच्छा लेकर आता है मा रानी उसकी इच्छा पूर्ति करती है यह आस्था बनी हुई है माता के समक्ष बना सरोवर में आस्था की डुबकी लगाएंगे स्थानीय भक्तों द्वारा निशुल्क भोजन व्यवस्था भक्तों के लिए की जाती है दूर-दूर से आने वाले भक्तों को माता जी की प्रसाद दी जाती है
इस अवसर पर प्रतिवर्ष मालवा
सेवा समिति नालछा द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया जाता है माता के दरबार में गायकजीतु दोहरा रतलामएव साथी कलाकारों द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जायेगी भक्तगण रात्रि भर भजनों का आनंद लेकर रात्रि जागा कर प्रातः स्नान कर पूजन पाठ कर माता के दर्शन कर अपने गतव्य स्थान की ओर चले जाते है और कुछ भक्तगण मांडव चारभुजा राम जी के दर्शन हेतु प्रस्थान करते है
प्रशासन की ओर से पुलिस सुरक्षा व्यवस्था एवं पंचायत की ओर से विद्युत एवं जल व्यवस्था की जाती है व बाहर से आने वाले व्यापारी गणो को व्यवसाय हेतु शुल्क लेकर स्थान दिया जाता है
इस बार विधायक कालुसिंह ठाकुर द्वारा मेला समिति को एवं सरपंच जीरापुरा को निर्देश दिया है कि मंदिर में दर्शन हेतुआने वाले श्रद्धालुओं से पार्किंग शुल्क नहीं लिया जावे
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