Rajendra Devray / Fri, Oct 3, 2025 / Post views : 273
।कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ मलसिंग मोरी ने स्वेच्छिक रक्तदान दिवस मनाने के उद्देश्य एव इतिहास के बारे में बताते हुए कहा कि हमारे देश मे प्रति वर्ष 1 अक्टूबर को रक्तदान दिवस मनाया जाता है इसे पहली बार 1975 को मनाया गया था। इसका उद्देश्य पूरे देश मे स्वेच्छिक़ रक्तदान के प्रति नागरिकों को अधिक से अधिक जागरूक करना है। ताकि जरूरतमंद व्यक्तियों को तत्काल रक्त दिया जा सके।प्रोफेसर डॉ. अनिल सोलंकी ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि रक्तदान न केवल जीवन बचाने का सरल माध्यम है, बल्कि यह एक स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है, और यह प्रक्रिया दानकर्ता के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होती है।रासेयो कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर सुभाष सोलंकी ने रक्तदान के बारे में बताते हुए कहा कि "रक्तदान महादान है।" यह दान बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंदों तक पहुंचता है और सामाजिक एकजुटता को मजबूत करता है। यह दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि रक्त का मनुष्य के जीवन मे बहुत महत्व होता हैं।अक्सर लोगो के मन मे रक्तदान को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां होती हैंप्रोफेसर सोलंकी ने युवाओं से अपील की कि वे नियमित रूप से रक्तदान करें, ताकि किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को आसानी से रक्त की पूर्ति की जा सके।रक्तदान में रक्त देने वाले ओर रक्त लेने वाले दोनों के लिये लाभकारी होता हैं।रक्तदान को करने से पहले स्वास्थ्य की जांच की जाती हैं, रक्त प्रवाह में सुधार होता हैं , दानकर्ता के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता हैं।रक्तदान से किसी का जीवन बचाता है। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थी रेड रिबन क्लब की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेवे ओर एड्स एवं अन्य बीमारियों के प्रति नागरिकों को जागरूक करने का काम करें।।प्रो विजय सोंनगड़ै ने रक्दान देने के तरीकों के बारे में बताते हुए कहा कि रक्तदान करने से पहले भोजन करें,, पर्याप्त मात्रा में नींद लें, नशीले पदार्थो का सेवन ना करें, अपने स्वास्थ्य की देखभाल करें। कार्यक्रम का संचालन रासेयो कार्यक्रम अधिकारी प्रो सुभाष सोलंकी ने किया एवं आभार विजय सोंनगड़ै ने व्यक्त किया इस अवसर पर प्रो माया कनासे, डॉ आरती पवार, प्रो रोहित राठौड़,निधि सहिते, रुपाली पाटीदार, दिव्या भायल,, रवि नायक ओसवी भटोरे, पल्लवी मंडलोई,, अनिल बनडे मनोज सोलंकी, सतीश बड़ोले ,,सुनील डावर, दिलीप बच्चन सहित कर्मचारी एव छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।उपस्थित रहे।
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