: सनावद विधायक सचिन बिरला ने लिखा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र बेड़िया- पीपलगोन-लौंधी रोड पुनर्निर्माण की प्रतीक्षा वर्षों से कर रहा है क्षेत्र17 किमी का है मार्ग
*बहुप्रतीक्षित बेड़िया-लौंधी रोड के पुनर्निर्माण की मांग*
*विधायक सचिन बिरला ने लिखा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री को पत्र*
सनावद / बेड़िया- पीपलगोन-लौंधी रोड पुनर्निर्माण की प्रतीक्षा वर्षों से कर रहा है। 17 किमी लंबे इस संकीर्ण रोड पर बढ़ते यातायात के कारण यात्री बसों और मालवाहक वाहनों को बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस रोड के दोनों ओर अतिक्रमण होने के कारण भी यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाएं भी घटित होती हैं। क्षेत्रवासी लंबे समय से इस रोड़ के पुनर्निर्माण की मांग करते आ रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि 40 किमी लंबे बेड़िया-पीपलगोन-
कसरावद रोड के लौंधी से कसरावद तक के लगभग 23 किमी लंबे हिस्से का चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। किंतु लौंधी से बेड़िया तक का सड़क का हिस्सा अपने पुनर्निर्माण की बाट वर्षों से जोह रहा है।
क्षेत्रवासियों की मांग पर विधायक सचिन बिरला ने लौंधी से बेड़िया तक 17 किमी लंबी सड़क के हिस्से के पुनर्निर्माण का बीड़ा उठाया है।
इस तारतम्य में विधायक ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र प्रेषित किया है और 17 किमी लंबे लौंधी-बेड़िया रोड को
सीआरआईएफ योजना के अंतर्गत बनाने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि लगभग 40 वर्ष पूर्व लोक निर्माण विभाग ने मात्र 3 मीटर चौड़े बेड़िया-कसरावद रोड का निर्माण करवाया था। इस रोड का केवल चौड़ीकरण वर्ष 1999-2000 में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा करवाया गया था। इस रोड का एक हिस्सा राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित कसरावद के अंर्तगत आता है। वहीं रोड का दूसरा हिस्सा राज्यमार्ग के अंतर्गत आता है। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में इस रोड पर यातायात का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है। उल्लेखनीय है कि इसी रोड पर बेड़िया में एशिया की सबसे बड़ी मिर्ची मंडी स्थित है और बेड़िया के समीप सेल्दा राष्ट्रीय ताप बिजलीघर भी स्थित है। इस बिजलीघर से निकलने वाली राख का परिवहन 70 से 80 टन भारी मल्टीएक्सल मालवाहकों द्वारा इसी रोड के माध्यम से किया जाता है। इसके अलावा इस रोड से बड़े पैमाने पर रेत का परिवहन होता है और क्षेत्र के किसानों की उपज भी इसी मार्ग से कसरावद,सनावद, बेड़िया,
बड़वाह,इंदौर और खंडवा की अनाज मंडियों तक ले जाई जाती है। इंदौर-इच्छापुर हाइवे पर चक्काजाम या भारी वर्षा के दौरान मोरटक्का स्थित नर्मदा पुल पर आवागमन बंद होने की स्थिति में महाराष्ट्र तक माल परिवहन हेतु बड़ी संख्या में भारी मालवाहक इसी रोड से होकर गुजरते हैं। इसके अलावा आसपास के क्षेत्र में जनसंख्या का घनत्व बढ़ने के कारण भी इस रोड पर यातायात का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है। इस रोड की बढ़ती उपयोगिता और महत्व को दृष्टिगत रखते हुए शासन द्वारा इसे एमडीआर घोषित किया गया है। इसलिए लौंधी -बेड़िया रोड का पुनर्निर्माण किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
पत्र में यह मांग भी की गई है कि लौंधी से बेड़िया तक रोड पर आने वाले ग्रामों जीरभार,कानापुर, कातोरा और बड़गांव आदि ग्रामों में रोड के दोनों ओर अपशिष्ट जल की निकासी हेतु सड़क के साथ नाली का निर्माण भी किया जाए। विधायक ने बताया कि 17 किमी लंबे लौंधी-बेड़िया रोड के निर्माण हेतु केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से जल्दी ही नईदिल्ली में मुलाकात करेंगे।