Rajendra Devray / Tue, Feb 3, 2026 / Post views : 308

। पहले श्रीमती प्रमिला एवं उनके पति ओरंगाबाद (महाराष्ट्र) में मजदूरी करने जाते थे । साथ में बच्चो को भी ले जाते थे, जिससे बच्चो की पढ़ाई - लिखाई भी प्रभावित होती थी ।
श्रीमती प्रमिला ग्राम के प्रभु स्वसहायता समूह से जुड़ी, समूह की गतिविधियों को समझा व सीखा । समूह से जुड़ने के बाद श्रीमती प्रमिला ने 400 मुर्गी के बच्चो को पालने का कार्य प्रारंभ किया, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी होने लगी । आज श्रीमती प्रमिला बकरी पालन, मुर्गीपालन के साथ - साथ अपने घर के पास की जमीन पर जैविक पद्धति से सब्जी व गेहूॅ की खेती भी कर रही है।
श्रीमती प्रमिला खुशी - खुशी बताती है कि समूह ने उनके जीवन को बदल दिया है, गत वर्ष से वे अपने पति के साथ मजदूरी करने कही बाहर नहीं गई है, बल्कि गांव में ही रहकर खेती व व्यवसाय से आजीविका चला रही है। साथ ही उनके बच्चे अब बड़वानी के प्रायवेट स्कूल में भी पढ़ने के लिये जाते है।
मंगलवार को कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह जब ग्राम पोसपुर पहुंची और तब वे श्रीमती प्रमिला से मिली और उसकी आपबीती सुनी तो उन्होंने ताली बजाकर उसका हौंसला बढ़ाया और कहा कि वे ऐसे ही प्रगति के पथ पर आगे बढ़ती रहे ।
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