Rajendra Devray / Mon, Jun 15, 2026 / Post views : 194
नया सत्र शुरू होने से पहले स्कूल बसों पर पुलिस का शिकंजा: 5 स्कूलों की बसों की औचक जांच, खामियां मिलने पर थमाए नोटिस
SP पद्मविलोचन शुक्ल का सख्त रुख: बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं, लापरवाही पर सीज होंगे वाहन।
राजपुर पुलिस और RTO की संयुक्त टीम ने रविवार को चलाया सघन चेकिंग अभियान।
सुधार के लिए मिला 7 दिन का समय; शर्तें पूरी न होने पर स्कूल संचालकों पर भी होगी कार्रवाई।

बड़वानी। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा को लेकर बड़वानी पुलिस पूरी तरह मुस्तैद हो गई है। पुलिस अधीक्षक (SP) श्री पद्मविलोचन शुक्ल के सख्त निर्देशों के बाद रविवार को राजपुर पुलिस और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) बड़वानी की संयुक्त टीम ने क्षेत्र के 5 प्रमुख स्कूलों की बसों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई गई, जिस पर टीम ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्कूल संचालकों को तत्काल सुधार के लिए कानूनी नोटिस थमाए हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में ग्राउंड पर उतरी टीम
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री पद्मविलोचन शुक्ल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) श्री धीरज बब्बर के निर्देशन तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) श्री आयुष कुमार अलावा के कुशल मार्गदर्शन में संचालित की गई। थाना प्रभारी (TI) माधवसिंह ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस टीम, RTO कर्मचारी संजय मण्डलोई और ऑपरेटर लक्की रावत ने क्षेत्र के निम्नलिखित स्कूलों की बसों को रोककर बारीकी से खंगाला:
1. सरस्वती शिशु विद्या मंदिर
2. रेडियंट स्कूल (पलसूद रोड)
3. प्राइम एकेडमी
4. पूजा पब्लिक स्कूल
5. विजन स्कूल
> "बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं, उनकी सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले की हर एक स्कूल बस की बारीकी से जांच की जाएगी और नियम तोड़ने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।"*
> — श्री पद्मविलोचन शुक्ल, पुलिस अधीक्षक, बड़वानी
> स्कूली वाहनों के लिए अनिवार्य हैं ये 6 सुरक्षा मानक (पुलिस की गाइडलाइन):
| क्र. | सुरक्षा मानक | अनिवार्य शर्तें
*1* वैध दस्तावेज* | RTO फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, PUC, रजिस्ट्रेशन और चालक का ड्राइविंग लाइसेंस वैध होना अनिवार्य है। |
| 2 | CCTV व अग्निशमन यंत्र | बस में सीसीटीवी कैमरे चालू स्थिति में हों तथा आग बुझाने वाला यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) वर्किंग कंडीशन में हो। |
| 3 | आपातकालीन द्वार व फर्स्ट एड | इमरजेंसी एग्जिट खिड़की सुचारू रूप से काम करे और फर्स्ट एड किट में दवाएं एक्सपायर्ड न हों। |
| 4 | GPS और स्पीड गवर्नर | वाहनों में ट्रैकिंग के लिए GPS एक्टिव हो और गति सीमा 40 किमी/घंटा से अधिक न हो। |
| 5 | चालक का स्वास्थ्य | चालकों का नियमित आई टेस्ट और मेडिकल चेकअप हो। ड्यूटी के दौरान शराब का सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। |
| 6 | सुरक्षित पिक-एंड-ड्रॉप | बस को सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर लगाकर ही बच्चों को चढ़ाएं/उतारें और उन्हें सुरक्षित परिजनों को सौंपें। |
7 दिन की मोहलत, दोबारा होगी जांच
संयुक्त टीम ने जिन बसों में कमियां पाई हैं, उनके प्रबंधन को 7 दिन के भीतर सभी कमियों को दुरुस्त करने का अल्टीमेटम दिया है। तय समय सीमा समाप्त होने के बाद इन वाहनों की दोबारा री-चेकिंग की जाएगी। यदि इसके बाद भी सुरक्षा मानकों में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित स्कूली वाहनों को तत्काल सीज (जब्त) किया जाएगा और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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