Rajendra Devray / Wed, May 6, 2026 / Post views : 331
धार: जिले के भगवानिया में पलास विश्वास नामक व्यक्ति पर बिना डिग्री क्लिनिक चलाने का आरोप
"बंगाली डॉक्टर" का बेटा कर रहा मरीजों का इलाज, क्लिनिक पर नहीं लगा रजिस्ट्रेशन बोर्ड
MP Medical Council में नाम नहीं मिला, CMHO से जांच व FIR की मांग
सन्नी माली
धरमपुरी तहसील के भगवानिया/भवानिया बुजुर्ग में "दराद-खुजली स्पेशल" के नाम से चल रहे क्लिनिक पर गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि पलास विश्वासनामक व्यक्ति खुद को "बंगाली डॉक्टर" बताकर क्लिनिक चला रहा है, जबकि क्लिनिक के बाहर न तो MBBS/BAMS/BHMS की डिग्री लिखी है और न ही मध्यप्रदेश मेडिकल काउंसिल का रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित है।

सबसे गंभीर आरोप: ग्रामीणों के अनुसार क्लिनिक पर इलाज खुद पलास विश्वास का बेटा कर रहा है। मरीजों को दवाइयां व इंजेक्शन दिए जा रहे हैं। नियमतः बिना रजिस्ट्रेशन कोई भी व्यक्ति एलोपैथी इलाज नहीं कर सकता।
प्रारंभिक जांच: MP Medical Council की वेबसाइट पर "पलास विश्वास" नाम से कोई रजिस्टर्ड डॉक्टर दर्ज नहीं है। इससे आशंका है कि बिना वैध योग्यता के क्लिनिक संचालित किया जा रहा है।
कानून क्या कहता है: मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1987 के तहत बिना रजिस्ट्रेशन मेडिकल प्रैक्टिस करना दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर 1 वर्ष तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
धार में पहले हो चुकी कार्रवाई:
CMO धार द्वारा ग्राम भारूड़पुरा में झोलाछाप डॉक्टर समीर विश्वास का क्लिनिक सील किया जा चुका है। उसके पास भी कोई वैध डिग्री नहीं थी। कुक्षी में डॉ. संजय गरानी पर गलत इलाज व सूदखोरी के आरोप लगे थे।
ग्रामीणों की मांग:
1. CMHO धार तत्काल टीम भेजकर जांच करें कि पलास विश्वास व उनका बेटा रजिस्टर्ड डॉक्टर हैं या नहीं।
2. क्लिनिक पर डिग्री व रजिस्ट्रेशन बोर्ड क्यों नहीं लगा है इसकी जांच हो।
3. यदि बिना योग्यता इलाज किया जा रहा है तो क्लिनिक सील कर FIR दर्ज की जाए।
CMHO कार्यालय का कहना है कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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