Rajendra Devray / Mon, Jun 8, 2026 / Post views : 301
RTI में बड़ा खुलासा: जिस गांव में दुकान ही नहीं, वहां के बिलों पर निकला भुगतान!
माध्यमिक विद्यालय भवान्या बुजुर्ग में मरम्मत कार्यों में लगे फर्जी बिलो की दुकानें ही गायब प्रधान अध्यापक नत्थू कोचले का कारनामा
प्रधानअध्यापक ने मरम्मत कार्य में फर्जीवाड़े की आशंका, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं


धरमपुरी। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेजों ने शासकीय माध्यमिक विद्यालय भवान्या बुजुर्ग के प्रधान अध्यापक नत्थू प्रसाद कोचले ने मरम्मत कार्य की पोल खोलकर रख दी है।

दस्तावेजों में जिन दुकानों के बिल लगाकर भुगतान केस निकाला गया, जांच में संबंधित गांव में उन नामों की दुकानें ही नहीं मिलीं। इसके बाद मरम्मत कार्य और भुगतान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले की 22 मई 2026 को जिला शिक्षा केंद्र में लिखित शिकायत भी की गई थी, लेकिन आज तक जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
इससे विभागीय कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई के दावों की भी पोल खुलती नजर आ रही है।
RTI ने खोली फर्जी बिलों की परतें
सूचना के अधिकार से प्राप्त जानकारी के अनुसार मरम्मत कार्य में जिन दुकानों से सामग्री खरीदी जाना दर्शाया गया, उनका वास्तविक अस्तित्व ही संदेह के घेरे में है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर भुगतान किस आधार पर स्वीकृत किया गया भुगतान किया गया पूरा मामला ही प्रधान अध्यापक का एवं बीआरसी एवं इंजीनियर के सामूहिक भ्रष्टाचार ओर बंदर बाट मामला हेराफेरी फर्जी बिल लगाकर बंदर बाट का सामने आया हे ?
जनता पूछ रही है...
दुकान नहीं थी तो बिल कहां से आए?
बिल सही थे तो दुकान का पता क्यों नहीं मिला?
शिकायत के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
क्या किसी को बचाने के लिए फाइल दबाई गई?
शिक्षा विभाग की चुप्पी पर सवाल
15 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है। अब क्षेत्र में चर्चा है कि आखिर इस मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या फिर फर्जी बिलों का यह खेल फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।
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