: ग्राम बिल्लौद में प्रशासन की कार्रवाई, दुष्कर्म के आरोपी के घर के अवैध निर्माण को तोड़ा घटना के बाद से हिंदू समाज था आकारोंर्षित 30 अक्टूबर को दी थी चक्का जाम की चेतावनी
Rajendra Devray
/
Wed, Oct 29, 2025
/
Post views : 270
बगड़ी/बांग्ला बिल्लौद में आदिवासी नाबालिग किशोरी के साथ हुई शर्मनाक दुष्कर्म की घटना के बाद से ही बीते 10 दिनों से क्षेत्र के हिंदू समाज में आक्रोश का माहौल देखा जा रहा था हिंदू समाज द्वारा आरोपी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई एवं आरोपी के अवैध निर्माण को तोड़ने को लेकर लगातार मांग की जा रही थी इसी के चलते हिंदू समाज का आक्रोश एवं 30 अक्टूबर को फोर लेन पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी के बाद बुधवार को ग्राम राजस्व विभाग एवं पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में ग्राम पंचायत बिल्लौद द्वारा आरोपी के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया गया।
गौर तलब है कि अमजद नामक युवक ने किशोरी के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया, जिसके बाद पीड़िता ने मृत शिशु को जन्म दिया था इसके बाद हिंदू समाज आकर्षित हुआ था। पुलिस ने 20 अक्टूबर को इस मामले में प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
हिंदू समाज कार्रवाई को लेकर की जा रही थी मांग
लेकिन हिंदू समाज द्वारा लगातार आरोपी के घर बुलडोजर चलाने एवं कड़ी कार्रवाई को लेकर मांग की जा रही थी
हिन्दू नेता निर्भय सिंह पटेल ने बताया की यह घटना समाज में शर्मसार करने वाली थी इसी को लेकर घटना के बाद 21 नवंबर को चौकी पर पहुंचकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा था, जिसमें आरोपी अमजद के घर को जमीदोज करने सहित अन्य सख्त मांगें शामिल थीं। इसके बाद 2 दिन पूर्व भी क्षेत्र के हिंदू समाज ने ग्राम बांग्ला में बैठक आयोजित कर 30 अक्टूबर को फोर लाइन पर चक्का जाम की चेतावनी दिथी। हिंदू नेता श्री पटेल का कहना था कि इस तरह की की घटना की पुनरावृत्ति दोबारा नहीं हो ऐसे प्रयास प्रशासन द्वारा किए जाने चाहिए।
एक दिन पूर्व दिया गया था नोटिस
इधर ग्राम पंचायत के सरपंच रवि वर्मा एवं सचिव कृष्णकांत ने बताया कि कई दिनों से अवैध निर्माण को लेकर शिकायत आ रही थी और आने जाने वाले को भी दिक्कत आ रही थी। इसी के चलते पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में अवैध हिस्से को तोड़ा गया है। इस दौरान सागौर थाना प्रभारी प्रकाश सरोते, चौकी प्रभारी अजीत पवार सिंह
नायब तहसीलदार अनीता बरेठा ने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा सूचना मिली थी कि यहां शासकीय जमीन पर अवैध अतिक्रमण किया गया इसी को लेकर एक दिन पूर्व सीमांकन कर नोटिस दिया गया था। इसी के चलते अवैध निर्माण को तोड़ा गया है।