Rajendra Devray / Wed, Oct 21, 2026 / Post views : 111
सरदार सरोवर प्रभावितों का पुनर्वास कार्यालय पर महाघेराव!
11 प्रमुख मांगों पर लिखित जवाब की मांग, सत्याग्रह जारी; गुरुवार सुबह 10 बजे फिर जुटेंगे प्रभावित
मेधा पाटकर और राहुल यादव सहित प्रभावितों ने उठाई पुनर्वास, भूमि अधिकार और मुआवजे की आवाज
बड़वानी। सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित परिवारों के लंबित पुनर्वास, भूमि आवंटन, अनुदान और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मामलों को लेकर बुधवार को बड़वानी स्थित भू-अर्जन एवं पुनर्वास कार्यालय पर अहिंसक सत्याग्रह करते हुए घेराव किया गया। आंदोलनकारियों ने विभिन्न लंबित प्रकरणों में स्पष्ट लिखित जवाब और समयबद्ध निर्णय देने की मांग उठाई।

सुबह 11 बजे से शाम 6:30 बजे तक चली वार्ता
आंदोलन से जुड़े प्रेस नोट के अनुसार, भू-अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी भूपेंद्र रावत, तहसीलदार राहुल चौहान, NVDA के जोमरिया जी तथा आंदोलन की ओर से मेधा पाटकर और राहुल यादव के बीच चर्चा हुई। वार्ता के बावजूद सत्याग्रह जारी रखने की घोषणा की गई। आंदोलनकारियों के अनुसार, गुरुवार सुबह 10 बजे से फिर आंदोलन शुरू होगा।
चार जिलों के प्रभावित परिवार शामिल
सत्याग्रह में बड़वानी, अलीराजपुर, धार और खरगोन जिलों के भू-धारक, भूमिहीन, विस्थापित, आदिवासी, दलित, मछुआरे, नाविक, विधवा एवं दिव्यांग परिवारों से जुड़े लोग शामिल रहे।

ये हैं आंदोलन की 11 प्रमुख मांगें
1. टिनशेड में रह रहे परिवार: वर्ष 2019 से रह रहे परिवारों की जांच कर लिखित निर्णय दिया जाए।
2. पिछोड़ी के परिवारों का पुनर्वास: जामदा-पिछोड़ी-सिरसानी की अधिग्रहित भूमि पर पुनर्वास देने की मांग।
3. 60 लाख रुपये के अनुदान पर निर्णय: धार तहसील के अतिक्रमित भूमि वाले आदिवासी परिवारों के मामलों में अंतिम लिखित निर्णय और अमल हो।
4. छोटे भूखंडों की सूची: बड़वानी तहसील के 1499 तथा मनावर के 700 से अधिक विस्थापितों के भूखंड आवंटन संबंधी मामलों की जानकारी दी जाए।
5. राजघाट दुकानदारों का पुनर्वास: कसरावद रोड पर भूखंड आवंटन के मामले में अंतिम जवाब दिया जाए।
6. कुकरा के 22 परिवार: गुजरात में गैर-कृषि योग्य भूमि अस्वीकार करने वाले परिवारों के मामलों का शीघ्र निराकरण हो।
7. जांगरवा के 15 परिवार: 8 अक्टूबर 2026 के कलेक्टर निर्देशों के अनुसार शासकीय भूखंड पर अधिकार दिया जाए।
8. लंबित गांवों के प्रकरण: छोटा बड़दा केवट, अमलाली-बिजासन, खार्या भादल और पिपरी के पुनर्वास मामलों पर निर्णय हो।
9. मूलभूत सुविधाएं: पुनर्वास स्थलों पर सुविधाओं की कमियां दूर करने की लिखित कार्ययोजना बनाई जाए।
10. न्यायालयीन आदेश और अधिकार: सर्वोच्च न्यायालय की कार्यवाही, महिला, संयुक्त एवं नाबालिग खातेदारों के अधिकार, अनुदान, बैक वाटर लेवल पुनरीक्षण, GRA आदेशों के पालन और भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों पर लिखित जवाब दिया जाए।
11. जनहित और पर्यावरण के मुद्दे: अवैध रेत खनन, सरदार सरोवर में क्रूज टेंडर, नर्मदा-पाटी एवं नर्मदा-सेंधवा लिंक परियोजनाओं, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और शराबबंदी पर दस्तावेज सहित जवाब मांगा गया।
कलेक्टर और आयुक्त से प्रभावित क्षेत्र में बैठक की मांग
आंदोलनकारियों ने कलेक्टर तथा नर्मदा घाटी आयुक्त से प्रभावित क्षेत्र में आकर बैठक करने की मांग की। साथ ही भोपाल और इंदौर से वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाकर लंबित फाइलों की समीक्षा करने तथा प्रत्येक प्रकरण के निराकरण की समय-सीमा तय करने की मांग उठाई।
सत्याग्रह जारी, लिखित निर्णय का इंतजार
सत्याग्रह में धनराज आवास्या, सेवंती बाई, कोरजी यादव, दीपक केवट, राहुल यादव, मेधा पाटकर, श्यामा मछुआरा, कैलाश यादव और कमला यादव सहित अन्य प्रभावित शामिल रहे।
प्रभावित परिवारों की मांग है कि वर्षों से लंबित पुनर्वास, भूमि अधिकार और अनुदान संबंधी मामलों का समाधान स्पष्ट लिखित आदेशों के माध्यम से किया जाए। अब गुरुवार सुबह 10 बजे से प्रस्तावित सत्याग्रह और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सबकी निगाहें रहेंग
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन