: 132 वर्षों पहले लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने प्रारम्भ की थी सार्वजनिक गणेशोत्सव की परम्परा गणेशजी का व्यक्तित्व देता है धीरता, गंभीरता, बुद्धिमत्ता और पुरुषार्थ की सीख
132 वर्षों पहले लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने प्रारम्भ की थी सार्वजनिक गणेशोत्सव की परम्परा
गणेशजी का व्यक्तित्व देता है धीरता, गंभीरता, बुद्धिमत्ता और पुरुषार्थ की सीख
बड़वानी 06 सितम्बर 2024/गणेशजी का गज मस्तिष्क बुद्धिमत्ता का परिचायक है। सामान्यतः हाथी धीर, गंभीर और शांतचित्त होता है। उनकी आंखें छोटी हैं, जिसके कारण मन के भाव अन्य व्यक्ति नहीं पढ़ सकता है। बड़े कान अधिक से अधिक सुनने की प्रवृत्ति के द्योतक हैं। हाथी बिना झुके अपनी सूँड की सहायता से कोई भी वस्तु उठा सकता है साथ ही वह परम शक्तिवान भी होता है। प्रत्येक व्यक्ति एवं विद्यार्थी को भी विवेकशील, गंभीर, मन के भावों को प्रकट न होने देने वाला, अच्छी बातों पर ध्यान देने वाला, स्वाभिमानी और शक्तिशाली होना चाहिए। गणेशजी को मोदक बहुत पसंद है, जो सात्विक आहार होकर बुद्धि को स्थिर बनाता है। उनका बड़ा उदर पाचन क्षमता को दर्शाता है एक व्यक्ति को भी सभी रहस्य पचाकर रखने में क्षमतावान होना चाहिए। उनकी चार भुजाएं चार पुरुषार्थों की प्रतीक हैं। वाहन चूहे को छोटे से छोटे प्राणी को महत्व देने की प्रवृत्ति के रूप में देखा जा सकता है। ये बातें प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बड़वानी के स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ द्वारा आज गणेशोत्सव का इतिहास और गणेशजी के व्यक्तित्व से युवाओं के लिए शिक्षा कार्यक्रम में डॉ. मधुसूदन चौबे ने सोनिका पाटीदार द्वारा बनाये गए गणेश जी के चित्र और धीरज सगोरे द्वारा बनाई गई प्रतिमा के माध्यम से विद्यार्थियों को बताई।
यह आयोजन प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य के मार्गदर्शन में किया गया। प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य ने कहा कि आप स्वयं अपने हाथों से मिट्टी की गणेशजी की प्रतिमा का निर्माण करें. यह इको फ्रेंडली प्रतिमा होगी. अनंत चतुर्दशी के दिन सहजता से प्रतिमा का विसर्जन हो जाएगा.
तिलक जी ने प्रारम्भ किया था सार्वजनिक गणेशोत्सव
डॉ. चौबे ने बताया कि सार्वजनिक तौर पर गणेशोत्सव की शुरुआत बाल गंगाधर तिलक ने 132 वर्षों पूर्व 1893 में महाराष्ट्र में की थी। इसका उद्देश्य अंग्रेजों के विरुद्ध स्वतंत्रता संग्राम में जनसहभागिता बढ़ाना था।
विद्यार्थियों को बताएँगे स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास
कार्यकर्ता प्रीति गुलवानिया और वर्षा मुजाल्दे ने बताया कि 07 सितम्बर को गणेश चतुर्थी है। 17 सितम्बर को अनंत चतुर्दशी है। इस दौरान कॅरियर सेल के द्वारा विद्यार्थियों को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास की जानकारी देते हुए बताया जाएगा कि किस तरह तिलकजी द्वारा शुरु किये गये गणेशोत्सव ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया। साथ ही रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा।
आयोजन में सहयोग हंसा धनगर, आरती धनगर, भोला बामनिया, नागरसिंह डावर ने किया।