आस्था का उमड़ा जनसेलाब ढोल धमाको के साथ गणगौर माता व ईश्वरजी को किया विदा, नम आंखों से अगले वर्ष फिर से आने का किया आग्रह
कुक्षी : गणगौर माता व ईश्वर जी के जाने से नगर की धर्मप्रेमी जनता के मन में मायुसी है, फिर अगले साल आने का भी आग्रह कर रही है। यह दृश्य 13 अप्रेल 2024 वार शनिवार तिथि चेत्र शुक्ला पंचमी को नगर कुक्षी में साकार हो रहा था। अवसर था चेत्र नवरात्री की तीज से तीन दिवसीय गणगौर माता व ईश्वर जी के पूजन के बाद आज विदाई का अवसर आया।
सिर्वी समाज की बंधुजन,मातृशक्ति, बालिकाओं ने गाजे-बाजे के साथ गणगौर माता व ईश्वर जी को विदाई दी तो कई माता बहनो की आँखे नम हो गईं।
एक पखवाड़े तक घरों में गणगौर माता का पूजन किया गया। वहीं नगर के क्षत्रिय सिर्वी समाज सकल पंच समिति के अध्यक्ष्य कांतिलाल गेहलोत,उपाधक्ष्य कैलाश काग,कोषाधक्ष्य राजेश भायल,सचिव बाबूलाल हम्मंड,कोटवाल रमेश परिहार,वरिष्ठ पंच राजेश राठौर ने बताया की सिर्वी समाज का प्रमुख त्यौहार होने से इस समाज मे करीब 205 गणगौर माता व ईश्वर जी की सामूहिक शाही गणगौर माता व ईश्वर जी के रथ को चल समारोह निकाला गया। जिन्हे देखने नगर व आसपास के क्षेत्रो से धर्मप्रेमियों का उमड़ा जन सैलाब, सम्पूर्ण क्षेत्र मे मानो मेला लगा हुआ हो घरो के ऊपर,ओटलो पर दुकानों पर,मुख्य बाजार खचाखच भरा रहा था, श्रद्धालु गणगौर माता व ईश्वर जी को निहारती रही। वही क्षत्रिय सीरवी समाज की मातृशक्ति द्वारा कचहरी चौक मे माता रणुबाई व ईश्वर जी को नृत्य करवाया,नृत्य देख सभी धर्मप्रेमी भावविभोर हो गये।
गणगौर माता व ईश्वर जी के दर्शन के लिए नगर व क्षेत्र के आस्थावान लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। परम्परा के अनुसार गणगौर माता व ईश्वर जी के रथ नगर के अंतिम पड़ाव विदाई श्री आईजी माताजी द्वार स्तिथ माधव श्री प्रसादम मांगलिक भवन मे किया गया। व नम आँखो से पूजन सामग्री व जवारे का विसर्जन किया व अगले वर्ष फिर से आने का किया आग्रह।
गणगौर माता व ईश्वर जी की विदाई के पूर्व घरों में गणगौर माता व ईश्वर जी का प्रतिदिन आस्था के साथ सम्पूर्ण रीती रिवाज़ से पूजन अर्चना किया गया। इसमें विवाहिता महिलाएं व बालिकाए एक पखवाड़े तक गणगौर माता व ईश्वर जी का पूजन करती है।