Rajendra Devray / Mon, Nov 17, 2025 / Post views : 356






विदाई
बड़वानी। पपीते के लिए देशभर में प्रसिद्ध बड़वानी शहर से 10 किलोमीटर दूर स्थित कृषि प्रधान ग्राम बोरलाय अपनी मेहनतकश किसान संस्कृति और साम्प्रदायिक सौहार्द के लिए जाना जाता है। इसी सौहार्द का उत्कृष्ट उदाहरण तब देखने को मिला जब गाँव के प्रतिष्ठित समाजसेवी शरीफ़ मंसूरी, उनकी धर्मपत्नी हसीना बी, पुत्र आफताब, तथा बहू तन्नुम बी पवित्र शहर मक्का-मदीना की उमराह यात्रा के लिए रवाना हुए।
उनकी इस आध्यात्मिक यात्रा पर पूरे गाँव ने एकजुट होकर भावभीनी विदाई दी। विदाई समारोह में सभी समुदायों—पाटीदार समाज, यादव समाज, सिर्वी समाज, आदिवासी समाज सहित कई वर्गों के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। गांव के वरिष्ठजन श्री रमेशचंद्र पाटीदार, मोहनलाल पाटीदार, बालकृष्ण पाटीदार, रमेश शाद, मुकेश पाटीदार सहित अनेक सम्मानित नागरिकों ने पहुँचकर मंसूरी परिवार को हार-फूल पहनाकर शुभकामनाएँ दीं।
स्थानीय मुस्लिम समाज, रिश्तेदारों, मित्रों और ग्रामवासियों ने परंपरागत एकता को बरकरार रखते हुए इस अवसर को ऐतिहासिक विदाई का रूप दिया। सभी ने उनकी यात्रा मंगलमय हो, स्वस्थ रहें, तथा पवित्र धरती पहुँचकर गाँव और वतन की खुशहाली की दुआ करने की प्रार्थना की।
इस अवसर पर गाँव के ही वरिष्ठ पत्रकार, पत्र-लेखक एवं पूर्व बैंक अधिकारी हाजी अब्दुल अज़ीज़ मंसूरी भी उपस्थित रहे। उन्होंने ग्रामवासियों का आभार जताते हुए कहा कि “बोरलाय गाँव की वर्षों पुरानी परंपरा रही है कि नर्मदा परिक्रमा हो, कोई धार्मिक आयोजन हो या सामाजिक कार्यक्रम—गाँव के सभी लोग निर्बाध एकता के साथ सहभागी बनते हैं।”
विदाई कार्यक्रम देर रात तक चला। रविवार रात 10 बजे जब मंसूरी परिवार मुंबई के लिए रवाना हुआ, तो पूरे वातावरण में खुशी और अपनत्व से भरा भावुक दृश्य देखने को मिला। ग्रामवासियों ने आत्मीयता से भरपूर संदेश देकर उनकी यात्रा के सफल, सुरक्षित एवं शुभ होने की कामना की।
अंत में मंसूरी परिवार ने सभी ग्रामवासियों का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे आगे भी ग्राम की एकता और सौहार्द को सुदृढ़ करने हेतु सदैव अग्रणी भूमिका निभाते रहेंगे।
मंसूरी परिवार 01 माह की मक्का–मदीना की धार्मिक उमराह यात्रा पर रवाना हुआ है।
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