मनावर ग्राम गुलाटी से कुराडाखाल जाने वाली मार्ग पर बनरहे पुल में भारी भृष्टाचार शिकायतो के बाद आरईएस विभाग के जवाबदारों ने आंखे मुंदी
मनावर ग्राम गुलाटी में ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा एक पूल का निर्माण गुलाटी में किया जा रहा हैं जिसकी लागत 40 लाख 40 हजार रुपये है
विभाग द्वारा ठेका ठेकेदार खंडेलवाल को दिया गया है
ठेका भगवान भरोसे चलरहा है वही खंडेलवाल ठेकेदार ने अपना ठेका अशोक सोनी को दे दिया है अशोक सोनी ने पेटी पर संतोष नाम के लड़के को ठेका दिया है
संतोष ठेकेदार 5 से 8 फिट गहरे बहते हुवे पानी में नीव डालने का काम कररहा है
जहां पानी बह कर जा रहा है उसमें नींव खोद कर उसमें कांक्रीट का माल डालना प्रारंभ कर दिया था जिसको ग्राम के सरपंच बलराम बावरिया ने बंद करवायादिया था
वहीं दिनांक 3 जनवरी 2025 को पुन उसी स्थिति में संतोष ठेकेदार के द्वारा वापस काम चालू कर काफी मात्रा में कांक्रीट डाल दिया गया
आर ई एस विभाग इस मामले में कहा सोया हुआ है नींव से ही अगर बिना सीमेंट से निर्माण कर देंगे तो आने वाली बारिश बाढ़ में पुल की हालत क्या रहेगी
उसी संदर्भ में आर ई एस विभाग के डीओ श्री सोलंकी जी से चर्चा की गई तो सोलंकी जी ने कहा कि थोड़ा बहुत पानी तो चलता है लेकिन जवाबदार सोलंकी जी निर्माण स्थल पर पर आकर अभी भी नही देखपा रहे हैं
की निर्माण की नींव में प्रारंभिक कार्य किस गुणवत्ता से किया जाता है यदि नीव ही कमजोर होगी तो पुल कहा खड़ा रह पाएगा
जवाबदार अपनी जवाबदारी से भागरहे है और पूरा कार्य शुरुआत से ही भृष्टाचार की भेंट चढ़ गया
पानी थोड़ा है या बहुत ज्यादा है इंजीनियर अविनाश सोलंकी को इस बात का पता नही इस पर पुलिस पब्लिक न्यूज़ चैनल ने चर्चा की तो उनका कहना था कि मैं कहीं बाहर हु
मैं आकर देखूंगा वहीं निर्माण के लिए रखी गयी सीमेंट को लाकर जंगल खुला छोड़ कर रख दिया था 4 दिन पहले जो बारिश हुई उस बारिश में सारी बोरिया पानी खा चुकी है अब ऐसी सीमेंट अगर 40 लाख के पुल के निर्माण में लगती है तो उस फूल की उम्र क्या रहेगी शासन का पैसा ठेकेदार इसी प्रकार से लूट रहे हैं और शासन के अधिकारीयो की आपसी सांठगांठ की वजह से कोई भी जवाबदार अधिकारी कुछ बोल नहीं पा रहे हैं इस प्रकार के निर्माण के ऊपर सख्ती से विभागीय अधिकारियों पर कठोर कार्यवाही करनी पड़ेगी नही तो घटिया पुल निर्माण आने वाली पहली बारिश मेही धराशाही होजायेगा ओर सरकार का पैसा व्यर्थ में भृष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगा
देखते है खबर लगने के बाद प्रशासन क्या कार्य यही करता है
पन्नालाल गेहलोत की रिपोर्ट