Rajendra Devray / Mon, Oct 13, 2025 / Post views : 343

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पत्र में कहा गया है कि अवैध शराब के कारोबार के कारण आदिवासी युवाओं, बुजुर्गों और किसानों के परिवार आर्थिक और सामाजिक रूप से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं, और युवा नशे में आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं, जिससे उनका भविष्य खराब हो रहा है।
अवैध शराब का कारोबार बेखौफ होकर ठेकेदारों और जिम्मेदार विभागों की मिलीभगत से रात-दिन चल रहा है। छकतला, चांदपुर, कट्ठीवाड़ा और सेजावाड़ा की दुकानों से अवैध रूप से शराब बड़ी गाड़ियों में भरकर दूसरे राज्यों में भेजी जा रही है, जिससे सरकार को टैक्स का नुकसान हो रहा है। ठेकेदार टी.पी. में एक मेक की शराब दिखाकर दूसरे मेक की शराब लाकर सीधे अन्य राज्यों में सप्लाई कर रहे हैं।
अतः जिले की जनता के भविष्य और स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए तथा आपराधिक गतिविधियों को कम करने के लिए अवैध शराब कारोबारियों और ठेकेदारों पर कठोर कार्रवाई की जाए।"
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