किसान अपनी उपज कृषि उपज मंडी में ही बेचे एव समय पर भुगतान प्राप्त करे अधिक भाव के लालच में बाहर बेच कर ठगी के शिकार होने से बचे
अंजड़ कृषक भाई अपनी उपज को मंडी प्रांगण या उप मंडी प्रांगण में लाकर ही विक्रय करें जिससे आपको उचित मूल्य सही तोल एवं सुरक्षित भुगतान प्राप्त हो सके।
इस संबध में कृषि उपज मंडी के सचिव अनिल उजले ने कृषक भाइयों से अपील की है
समस्त किसान भी अपनी उपज घर, खेत एवं खलिहान से मंडी के लाइसेंस धारी व्यापारी को ही ऑनलाइन सौदा पत्रक फार्म गेट ऐप के माध्यम से अपनी उपज विक्रय कर सकते हैं
उपज का भुगतान प्राप्त होने के पश्चात ही अपनी उपज का परिवहन माल संबंधित क्रेता व्यापारी को लेजाने देवे
कोई भी किसान अपनी कृषि उपज को बिना लाइसेंस धारी व्यापारी को विक्रय नही करे
ऐसे में किसान भाइयों के साथ तोल एवं भुगतान में धोखाधड़ी प्रबल संभावना बनी रहती है।
व्यापारी द्वारा माल खरीदी के बाद लाखो रुपये के भुगतान किसानों को नही किया गया है एव सेकड़ो किसान इसप्रकार की ठगी के शिकार होकर करोड़ो रुपये की हानी उठा चुके है इस प्रकार के कई प्रकरण शासन के संज्ञान में आये है जिससे किसान अपने भुगतान नही होने के कारण परेशान है और ठगी का शिकार हुवा है
. अपनी उपज अधिक भाव की लालच में बिना लाइसेंस धारी व्यापारी को विक्रय ना करे मंडी प्रांगण या उप मंडी प्रांगण में उपज विक्रय का भुगतान प्राप्त नहीं होने की स्थिति में तत्काल कार्यालय को सूचित करें ताकि संबंधित व्यापारी से आपको अपनी उपज का त्वरित भुगतान कराया जा सके।
ऑनलाइन सौदा पत्रक या फार्म गेट ऐप से उपज विक्रय करने पर ऑनलाइन सौदा पत्रक प्राप्त करने हेतु ओटीपी देवे तथा भुगतान बैंक खाते में आने के पश्चात ही भुगतान प्राप्त होने का ओटीपी देवे।
लाइसेंस धारी व्यापारी को उपज विक्रय करने पर मंडी के विक्रय से संबंधित अभिलेख अनुबंध पत्र अनिवार्य रूप से प्राप्त करें बिना मंडी अभिलेख के मंडी समिति की भुगतान कराने की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।
. भुगतान से संबंधित शिकायत पांच दिवस के भीतर लिखित रूप से कार्यालय में करें पांच दिवस पश्चात शिकायत मान्य नहीं होगी।
किसानों के लिए शासन ने मंडी प्रांगण में शुद्ध शीतल जल एवं ₹5 में सब्जी पूरी की व्यवस्था की गई है इसका लाभ लेवे।
लाइसेंस धारी या बिना लाइसेंस धारी व्यापारी को मंडी अभिलेख के अभाव में आपसी सहमति से उपज विक्रय करने पर मंडी समिति की भुगतान हेतु कोई जवाबदारी नहीं होगी उक्त लेनदेन के लिए कृषक स्वयं उत्तरदायी होगा
सभी किसान अपनी उपज मंडी में ही बेचे