जैन धर्म के 24 तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती जेन समाज जनों द्वारा भजन एव भक्ती भाव से मनाई गयी
जैन धर्म के 24 वे और अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्म कल्याणक चैत्र शुक्ल त्रयोदशी 21अप्रैल को 2623 वा जन्म कल्याणक है जिसे जैनसमाज अंजड़ के द्वारा भक्ती भाव से मनाया गया सुबह 9 बजे भगवान महावीर की शोभायात्रा जैन मंदिर से पालकी में सजाकर बेंड बाजे के साथ निकाली गयी जो नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई यह शोभायात्रा सराफा बाजार गांधी वाचनालय एमजी रोड़ बसस्टेंड होकर एम एन जिनिग पहुचीं वहां से यात्रा जेन मन्दिर पहुचीं जहां मन्दिर में शांती धारा का पाठ कर भक्ति भाव से महाआरती की गई जिसमें जैन समाज की समस्त मात्र शक्ती वैश्य समाज के सभी समाज बन्धु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे