Rajendra Devray / Mon, Dec 15, 2025 / Post views : 343


राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ जिला बड़वानी के मध्य भारत संगठन मंत्री गोपाल जी पाटीदार तहसील अध्यक्ष हेमराज मालवीय तहसील उपाध्यक्ष नरेंद्र यादव जिला संरक्षक दिनेश चंद्र देवड़ा सहित कई पदाधिकारी के साथ सैकड़ो की संख्या में आज कृषि उपज मंडी के अंदर दोपहर 11:00 बजे किसानों द्वारा धरना प्रदर्शन किया और नारेबाजी की गई इसको लेकर किसानों के द्वारा तहसीलदार भिड़े अंजड़ को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सोपा गया जिसमें आठ बिंदुओं को लेकर के अपनी मांग रखी गई
मूल रूप से किसानों की कपास खरीदी को लेकर के जो स्लॉट बुकिंग की जा रही है इसको समाप्त किया जाए जो मास्चर की जो ग्रेड है उसे हटाया जाए एबीसी ग्रेड के कपास को सीसीआई खरीदी करे
माह दिसंबर में खलघाट के अंदर किसानों के द्वारा शांतिपूर्ण धरना आंदोलन हुआ था उस पर धामनोद पुलिस थाने के द्वारा निर्दोष 717 किसानों पर प्रकरण दर्ज किया गया है उसे सरकार वापस ले
मक्का ज्वार बाजरा और मूंगफली मूंग उड़द सभी फसलों के ऊपर एम एस पी का जो भुगतान राज्य शासन इव केंद्र शासन का हे उसे लागू किया जाए है उसका भुगतान किया जाए
मंडी में किसानों की कपास की उपज नीलामी में CCI अधिकारी के द्वारा भाव भरने के बाद संबंधित जीनर व्यापारिक के वहां जब माल खाली कराया जाता है तो वहां पर बड़ी समस्या होती है
और किसानपरेशान हो जाता है सीसीआई के द्वारा नियुक्त मजदूर वहां पर सौदेबाजी करता है और किसानों को दो-सौ से ₹400 का तक का भाव कम कर के वापस सीसीआई अधिकारी के पास भेज दिया जाता है
और सीसीआई अधिकारी इस आधार पर किसानों के भाव को जो मंडी में खरीदा था उससे कम कर के चिट्ठी बना कर देता है जिससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है
यदि किसान को मंडी के अंदर नीलामी में जो भाव मिले हैं उसे कम भाव मिलते हैं तो
इसको लेकर के मंडी अधिनियम की धारा 1972 की धारा का पालन कर मंडी सचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए
केंद्र सरकार एवं मध्य प्रदेश शासन के द्वारा एम एस पी के मूल्य के नीचे जो किसानों की फसल खरीदी जाती है उसकी भरपाई की जाए यदि एम एसपी से कम भाव मिलता है तो उसके लिए मंडी सचिव पर भी कार्रवाई होना चाहिए
जिस प्रकार मध्य प्रदेश शासन एवं केंद्र सरकार के द्वारा 15 लाख 40 हजार का कर्ज स्टार्ट आउट योजना के अंतर्गत 22 उद्योगपतियों का कर्ज माफ किया गया है
उसी आधार पर किसानों का भी कर्ज माफ करना चाहिए इन मांगौ को लेकर आज भारतीय किसान मजदूर महासंघ्य के द्वारा तहसील दार को ज्ञापन सोपा गया
साथी मंडी सचिव अनिल उजले से भी चर्चा की गई मुख्य रूप से किसानों का आक्रोश सीसीई के द्वारा जो मंडी में माल खरीदा जाता है उसको लेकर के हैं सीसीआई अधिकारी द्वारा जब मंडी में देख परख कर माल खरीदा जाता है और जब मालकिन में जाता है तब वहां का एंट्रेंस मजदूर उसके भाव काम करता है और उसे अधिकारी के पास भाव कब करने के लिए भेज देता है यह सबसे बड़ी विडंबना है कि केंद्र सरकार का एक कॉटन सिलेक्ट पूरी फसल को देखकर के किसानों के भाव बढ़ता है और वही माल जब जीव में जाता है तो एक कंटेंट 10वीं 12वीं पास मजदूर या अनपढ़ मजदूर उसे रिजेक्ट करता है यह कौन सा कानून है इस पर सरकार को विचार करना चाहिए
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन