Rajendra Devray / Wed, Feb 4, 2026 / Post views : 367

बड़वानी 04 फरवरी 2026/ रबी उपार्जन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए किसान पंजीयन की प्रक्रिया 07 फरवरी 2026 से 07 मार्च 2026 तक संचालित की जाएगी। जिले मे समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन हेतु किसान पंजीयन प्रक्रिया जिले में पूर्व में कुल 21 पंजीयन केंद्र निर्धारित किए गए थे। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार वर्तमान में जिले में 96285 हेक्टेयर रकबे पर गेहूँ बोया गया है।। बोए गए रकबे एवं किसानों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा जिले में पूर्व में निर्धारित 21 केंद्रों के अलावा 35 अतिरिक्त कुल 56 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं। जिनमें 54 केंद्र सहकारी संस्था एवं 2 केंद्र विपणन संघ के सम्मिलित हैं।
*उपार्जन हेतु पंजीयन व्यवस्था*
पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था निर्धारित 56 केन्द्रों के साथ ग्राम पंचायत कार्यालय में स्थापित सुविधा केन्द्र, जनपद पंचायत कार्यालय में स्थापित सुविधा केन्द्र, तहसील कार्यालयो में स्थापित सुविधा केन्द्र में रहेगी । पंजीयन की सःशुल्क व्यवस्था एमपीआनलाईन कियोस्क, सीएससी कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियो द्वारा संचालित साइबर कैफे पर पंजीयन अधिकतम शुल्क 50 रूपये उपलब्ध रहेगी ।
*किसान पंजीयन हेतु 35 अतिरिक्त पंजीयन केन्द्र*
आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था बरूफाटक, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था मण्डवाड़ा, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था जागवाड़ा, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था वझर, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था गवाड़ी, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था चाटली, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था गंधावल, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था बोकराटा, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था लिम्बी, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था मोयदा, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था दोंदवाड़ा, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था राखी बुजुर्ग ( भातकी ) आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था सोन्दूल ( नवीन ), आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था भवती ( नवीन )अ आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था मेणीमाता, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था चिखल्या, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था उपला, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था सनगांव ( नवीन ), आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था दानोद( नवीन ), आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था भागसुर, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था ठान, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था नागलवाड़ी, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था अगलगांव, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था जुलवानिया, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था वरला, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था मालवन ( नवीन ), आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था दुगानी, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था धवली, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था सेंधवा ( नवीन ), आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था मेहदगांव, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था झिरीजामली ( नवीन ), आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था बाबदड़, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था जामली, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था चाचरियापाटी, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था खुरमाबाद में पंजीयन की व्यवस्था की गई ।
*अन्य आवश्यक बिन्दु*
1. किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधित दस्तावेज एवं किसान के आधार एवं अन्य फोटो पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकॉर्ड रखा जाना है।
2. सिकमी/बटाईदार कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल जिले में स्थापित उक्तानुसार आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था द्वारा संचालित 56 पंजीयन केंद्रों पर उपलब्ध होगी उक्त श्रेणी के पंजीयन का शत प्रतिशत सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जावेगा ।
3 .किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा।
4.किसान पंजीयन के समय किसान को बैंक खाता नंबर और आईएफएससी कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। जनधन, अक्रियाशील, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे।
5.पंजीयन व्यवस्था में बेहतर सेवा प्राप्त करने के लिए किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखे।
6 पंजीयन में फसल की किस्म, विक्रय योग्य मात्रा एवं कटाई उपरांत फसल के भण्डारण स्थल की जानकारी दर्ज होगी । पंजीयन केन्द्रों पर आपरेटर द्वारा किसान के आधार में दर्ज नाम ई-उपार्जन पोर्टल पर प्रविष्ट कियाजाएगा।
7.सिकमी/बटाईदार/वन पटटाधिकारी किसानो को अनुबंध की प्रति उपलब्ध करनी होगी जिसे ई-उपार्जन पोर्टलपर अपलोड किया जायेगा ।
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