डीएपी से बेहतर एनपीके उर्वरक
बड़वानी 22 नवम्बर 2024/ जिले के किसान भाईयों द्वारा रबी फसलों की बोनी की जा रही है किसानों को उनकी आवश्यकतानुसार रासायनिक खाद उपलब्धब कराने हेतु जिले के सहकारी क्षेत्र एवं निजी विक्रेताओं के यहा उर्वरकों का भण्डासरण करवाया जा रहा है। वर्तमान में विपणन संघ के डबल लॉक केन्द्रों एवं सहकारी समितियों में यूरिया 9169 मेट्रिक टन, डीएपी 1313 मेट्रिक टन, एनपीके 2816 मेट्रिक टन, पोटाश 1404 मेट्रिक टन, सुपर फॉस्फेरट 4092 मेट्रिक टन, अमोनियम सल्फेनट 55 मेट्रिक टन व निजी डीलरों की दुकानों पर यूरिया 4091 मेट्रिक टन, डीएपी 283 मेट्रिक टन, एनपीके 2100 मेट्रिक टन, पोटाश 460 मेट्रिक टन, सुपर फॉस्फेट 7093 मेट्रिक टन, अमोनियम सल्फेट 207 मेट्रिक टन, कुल 33083 मेट्रिक टन की व्यंवस्था की गई है। जिले में नियमित उर्वरक प्राप्त हो रहा है ।
कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कृषि वैज्ञानिकों की कृषकों को सलाह है कि डीएपी से बेहतर एनपीके उर्वरक होता है। डीएपी की जगह पर एनपीके उर्वरक 12ः32ः16, 20ः20ः0ः13, 20ः20ः0, 16ः16ः16, नैनो डीएपी उपलब्ध है। डीएपी में पोटाश तत्व की मात्रा नही होती है अर्थात नत्रजन व फॉस्फेट होता है, जबकि एनपीके से फसलों में तीन पोषक तत्व नत्रजन, फॉस्फोरस व पोटाश जो संतुलित मात्रा में पौधो को उपलब्ध हो जाते हैं । इसके उपयोग से तीन मुख्य पोषक तत्व की पूर्ति हेतू अन्य उर्वरकों की मात्रा देने की आवश्यकता नहीं होती है। अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के कार्यालय या संबंधित क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते है।