चार दिवसीय ध्यान प्रशिक्षण सम्पन्न
आध्यात्मिक बुद्धि का विकास करके अच्छा इंसान बनाता है ध्यान - प्रतिमा
बड़वानी 25 दिसम्बर 2024/ सामान्यतः मनुष्यों में मानसिक और सामाजिक बुद्धि विकसित होती है, जिनके आधार पर वे अपनी रूटीन जीवन शैली को अपनाते हुए ज़िन्दगी व्यतीत करते हैं। यह ज़िन्दगी तनाव, अशांति, अनिद्रा, स्पर्धा, ईर्ष्या, दुःख, क्रोध, अवसाद के साथ व्यतीत होती रहती है। एक बुद्धि होती है आध्यात्मिक बुद्धि। इस बुद्धि का विकास हर किसी में नहीं होता है। यह सादा जीवन और उच्च विचार पर आधारित जीवन शैली का विकास करती है। नियमित ध्यान करने से आध्यात्मिक बुद्धि का विकास होता है। इससे अच्छे इंसानों का निर्माण होता है। जीवन में संतुष्टि, सुख, शान्ति, धैर्य, अंहिंसा, क्षमा जैसे भावों का समावेश होता है।
ये बातें प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बड़वानी के स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ द्वारा प्रथम विश्व ध्यान दिवस के संदर्भ में आयोजित चार दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान युवा वक्ता और व्यक्तित्व विकास की प्रतिभाशाली छात्रा प्रतिमा मुकाती ने कहीं। प्रतिमा ने कहा कि वो नियमित रूप से ध्यान करती हैं और अपने जीवन में बदलाव की अनुभूति कर रही हैं। सभी को विशेषकर युवाओं को चाहिए कि वो ध्यान को जीवन शैली का हिस्सा बनाये ।
इन्होंने दिया मार्गदर्शन
प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य के संरक्षण में मंगलवार को सम्पन्न हुए चार दिवसीय ध्यान प्रशिक्षण के दौरान श्री अखिलेश पाटीदार, डॉ. आशा साखी गुप्ता, डॉ. केएस बघेल, प्रतिमा मुकाती और डॉ. मधुसूदन चौबे ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया। डॉ. चौबे ने प्रतिदिन विद्यार्थियों से ध्यान का अभ्यास करवाया. प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य ने आज की भागदौड़ भरी ज़िन्दगी को सुखपूर्वक व्यतीत करने के लिए ध्यान को अपनाने का सन्देश दिया.
प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वय कार्यकर्ता वर्षा मुजाल्दे और संजू डूडवे ने किया। संचालन अनुष्का शर्मा ने किया। आभार देवप्रिया चौहान ने व्यक्त कियास। वर्षा मुजाल्दे ने बताया कि चार दिनों में पांच सौ से अधिक युवाओं को ध्यान से जोड़ा गया। कार्यकर्ता डॉ. अंतिम मौर्य, कन्हैयालाल फूलमाली, अरविंद चौहान, बादल धनगर एवं स्वाति यादव ने सहयोग दिया।