कुंभ में दुर्लभ संतों का दर्शन सुलभ हो जाता है---साध्वी विचित्र रचना दीदी
मनावर । ग्राम अजंदा के अखंड भारत शक्ति पीठ ट्रस्ट की अध्यक्ष तथा संत परमानंद जी की शिष्या साध्वी विचित्र रचना दीदी ने शुक्रवार को अपने आश्रम में अयोध्या के राम मंदिर की प्रथम वर्षगांठ पर सुंदरकांड का आयोजन किया।इस संबंध में साध्वी दीदी ने राम मंदिर के पांच सौ साल के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह सनातन धर्म के गौरव बढ़ाने वाला दिन था,जिस दिन अयोध्या में रामलला की पुनर्स्थापना हुई थी।इसी क्षण की यादों को समेटने के लिए हमने अपने अजंदा आश्रम में सुंदरकांड का आयोजन रखा है। उन्होंने वर्तमान में चल रहे महाकुंभ पर भी विस्तार से जानकारी दी। साध्वी विचित्र रचना दीदी ने कहा कि इस कुंभ में स्नान का विशेष महत्व है।यह हमारे अर्जित पुण्य को स्थिर करता है। कुंभ में दुर्लभ संतों का दर्शन सुलभ होता है।इस अवसर का प्रत्येक सनातनी को लाभार्थी बनना चाहीए। उन्होंने सुंदरकांड मंडल के प्रत्येक सदस्य का दुपट्टे और श्रीफल से स्वागत किया।इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य नागरिक तथा वरिष्ठ मीडिया कर्मियों का आश्रम की ओर से साफ़ा बांधकर श्रीफल देकर सम्मानित किया। साध्वी दीदी ने केदारनाथ से लाए गए विशेष रुद्राक्ष को भी अपने हाथों से आगंतुकों को पहनाया।इस समारोह में भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष मोहन भायल, मीडिया कर्मियों में कैलाश मुकाती, स्वप्निल शर्मा, पन्नालाल गेहलोद, दिनेश पटेल, कैलाश शर्मा आदि को सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि साध्वी दीदी पिछले चौबीस वर्षों से अपने आश्रम की ओर से समाज सेवा के कई कार्यो में शामिल रही है।उनका ज्यादा जोर पौधारोपण,जलाशय स्वच्छता, बच्चों की शिक्षा, जरूरतमंद महिलाओं को सिलाई कढ़ाई के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराना आदि पर रहता है। क्षेत्र के लोग उन्हें हिमालय लाडली के रूप में भी पहचानते हैं, क्यों कि उनका अधिकांश समय हिमालय की विभिन्न तराई में ही बीता है।
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