Rajendra Devray / Sun, Jan 18, 2026 / Post views : 422



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बड़वानी 18 जनवरी 2026/शिक्षित युवा जब अपनी प्रतिभा और सरकारी योजनाओं का सही तालमेल बिठाते हैं, तो सफलता की नई इबारत लिखी जाती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है बड़वानी शहर की निवासी श्रीमती प्राची वाघे ने। विगत 9 वर्षों तक शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय रहने वाली प्राची जी आज बड़वानी के गारमेंट व्यवसाय क्षेत्र में एक जाना-माना नाम बन चुकी हैं।
*पारिवारिक जिम्मेदारी और उद्यमिता का समन्वय*
प्राची जी बताती हैं कि शिक्षा क्षेत्र में व्यस्तता के कारण वे अपने परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पाती थीं। उन्होंने एक ऐसे कार्य की तलाश शुरू की, जिसमें वे आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन भी कर सकें। इसी उद्देश्य से उन्होंने व्यापार के क्षेत्र में कदम रखने का निर्णय लिया।
*पीएमईजीपी योजना बनी आधार*
व्यापार शुरू करने के लिए आर्थिक सहयोग की तलाश के दौरान उन्हें ऑनलाइन माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिली। उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रमश् (पीएमईजीपी) के अंतर्गत आवेदन किया। योजना के माध्यम से उन्हें 9.5 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, जिस पर उन्हें 25 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ भी प्राप्त हुआ।
*श्री कलेक्शन के माध्यम से महिला सशक्तिकरण*
प्राप्त वित्तीय सहायता से उन्होंने 2 वर्ष पूर्व बड़वानी के झंडा चौक क्षेत्र में श्री कलेक्शन नाम से रेडीमेड गारमेंट व्यवसाय एवं बुटीक प्रारंभ किया। अपनी उच्च शिक्षा और प्रबंधन कौशल के बल पर उन्होंने बहुत कम समय में शहर में अपनी पहचान बना ली। आज उनका बुटीक महिलाओं के समस्त प्रकार के परिधानों के लिए प्रसिद्ध है।
*रोजगार प्रदाता बनीं प्राची*
प्राची वाघे न केवल स्वयं आर्थिक रूप से समृद्ध हुई हैं, बल्कि उन्होंने अपने संस्थान में 5 अन्य महिलाओं को रोजगार प्रदान कर उन्हें भी स्वावलंबी बनाया है। उनकी यह सफलता यात्रा उन सभी महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणा है जो स्वयं का उद्यम स्थापित करने का सपना देखते हैं।
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