Rajendra Devray / Fri, Oct 3, 2025 / Post views : 390


लगातार पानी बहते रहने के कारण काई जमने से आम जनता के लिए मुसीबत बन चुकी है
अंबिका आश्रम बालीपुर जाने आने वाले बाइक सवार आए दिन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं
ग्वालियर से अंबिका आश्रम पधारे पंडित श्री नरेश कुमार शर्मा जी भी कल पुलिया पर फिसलने के कारण गिर गए शर्मा जी को बाये पैर में गंभीर चोट आई
जिसके कारण लगातार रक्त स्त्राव होता रहा आश्रम में महाराज ने दवाई दी इसके उपरांत जब डॉक्टर को दिखाने गए तो डॉक्टर ने प्राथमिक तौर पर एक्सीडेंट का मामला समझ कर देखने से मना कर दिया
इसके बाद उन्होंने धार में डॉक्टर को दिखाया एक्सरे व MRI करने पर मालूम पड़ा की हड्डी में माइनर फ्रैक्चर है
इसके पूर्व भी बालीपुर में पगड़ी कार्यक्रम में आने जाने वाले कई नये व्यक्ति इस रपट पर फिसलन के कारण दुर्घटना के शिकार चुके हैं
इसके लिये ग्राम पंचायत गुलाटी ओर बालीपुर से ठहराव प्रस्थाव करवाकर बालीपुर मुख्यमंत्री आगमन पर उसके हाथ मे 14 मार्च 2024 को आवेदन दिया गया,
सांसद धार को 3 अगस्त 2024 को आवेदन दिया ,कलेक्टर धार को 22 अगस्त 2024 को ,जिले जनपद CEO धार को 10 जून 2024 को , जनसुनवाई में मंगलवार को धार में भी 10 जून 2024 को आवेदन किया है
कलेक्टर महोदय को पुलिया स्पॉट पर लाकर भी अवलोकन कराया गया 80 बालक बालिकायें जो प्रतिदिन कलवानी ओर बालीपुर जाती है
उनके नाम की लिस्ट सहित जनसुनवाई में दी गई प्रायवेट स्कुलो की आठ बसे रोजाना इस पुल से गुजरती है धार जिले का सबसे बड़ा धार्मिक स्थान बालीपुर धाम है बड़वानी से आने वाले भक्त कुक्षी से आने वाले भक्त इसी रोज से होकर बालीपुर जाते है जब भी बालीपुर धाम में कोई भी भव्य कार्यक्रम बालीपुर धाम में होता है तो सभी VIP इसी रोड़ से जाते है मुख्यमंत्री मोहन यादव भी इसी रोड़ से बालीपुर धाम गये है उसके बावजूद भी समाधान के लिए कोई अधिकारी जनप्रतिनिधि का ध्यान इस ओर नही जा रहा है वही अधिकारियों की मिली भगत से ग्राम गुलाटी में कुराड़ाखाल मार्ग पर 65 लाख की लागत से पुल निर्माण हो गया जो बालीपुर से , बापरूद रोड़ पर 2 पुलिया निर्माण हुई है जिसकी लागत नाले वाली पोलिया की 70 से 80 लाख है और दूसरी पुलिया की लागत अनुमानित 50 से 60 लाख है जो सिर्फ खेतों में जाने के उपयोग के लिये ही है जो सबसे अनिवार्य पुलिया को नजर अंदाज कर इन सादरण रोड़ की पुलिया अधिकारियों ने क्या करवाई जो अनिवार्य थी सभी अधिकारियोंकी जानकारी में सभी किये गये आवेदन की जानकारी थी दोनो पुलिया के एस्टिमेट RES सबइजीनियर ने 67 लाख 35 हजार ओर दूसरा स्टीमेट 82 लाख 90 हजार का बनाया गया जिसकी कॉपी है पर उसे अप्रूवल नही करवाया गया क्या की उसमे कोई रिश्वत देने देने वाला नही था वो जन हित का कार्य था जिससे विभाग के कर्मचारियों के जेब मे पैसा नही आरहा था जहाँ से पैसा आया वो कार्य हो गया जहा की मंजूरी ज्यादा की ओर खर्च कम का हो वही कार्य होंगे जहा अधिकारियों को खर्च ज्यादा ओर आय कम हो वो कार्य नही होंगे उसके लिये चाहे मुख्य मंत्री को आवेदन करदो या प्रधानमंत्री को कलम अधिकारी की जब ही चलेगी जब जेब मे पैसा आयेगा संबधित कार्य की विभाग से RTI लगा कर जानकारी भी मांगी गई है ऐसे भृष्ट अधिकारियों की जांच की जाय और इनपर पर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाय
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन