Rajendra Devray / Wed, Nov 5, 2025 / Post views : 295


मनावर
श्री श्री 1008 श्री गजानन जी महाराज की प्रेरणा से देव दीपावली का महोत्सव गुलाटी मे सन 2007 से प्रारंभ हुआ ।
भोपाल राजधानी के गुरु भक्तों का द्वारा इसमें अहम सहयोग रहा । हमारे सनातन संस्कृति, सभ्यता और मानव विकास के लिए देवताओं ने देव दीपावली शिव की नगरी काशी में प्रारंभ की थी। पारम्परिक , सांस्कृतिक परंपरा जीवन को आदर्श बनाने हेतु कृत संकल्पित है । सद्गुरु सेवा समिति के जगदीश चन्द्र पाटीदार ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा में वाराणसी में 84 घाटों पर दीप माला आयोजित की जाती है। देव दीपावली का मूल भाव है- ऊं असतो मां सद्गमय, तमसो मांज्योतिर्गमय अथार्थ अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाना। महापर्व देव दीपावली आस्था, लोकगीत और भक्ति में डूबी नजर आ रही है। महिलाएं और परिवारो का ऐसा व्रत है जो भाईचारे की भावना से प्रेरित करता है । दीपक की आरती से बाबाजी की प्रतिमा को दिखाकर श्री सुधाकर जी महाराज द्वारा आरती दी गई। ग्राम में रंगोलिया, दीप लोक परंपरा और एकता का प्रतीक यह देव दीपावली बन गई परंपरा संस्कृति और भक्ति ओर आस्था की धड़कनें भी उतनी ही प्रबल हुई। श्री बाबा जी द्वारा दी गई आस्था की ताकत सबसे बड़ी होती है जो मनुष्य को उसके संस्कारों से जोड़ देती है। सामूहिक रूप से पुरुषों एवम महिलाओं ने गांव भृमण में नृत्य करते शोभायात्रा ग्राम गुलाटी के प्रथम छोर पर आने पर पुष्प मालाओ से स्वागत किया गया। फिर शोभायात्रा मुख्य चौक से पूरे गांव के मोहल्लों से मंच तक पहूँची ,जहां पर बाबा जी, माता जी की आरती की गई ।अन्त मे क्षमा प्रार्थना का गायन किया गया।
यह है कथा
त्रिपुरासुर नामक राक्षस द्वारा देवताओं के राज्यों में कब्जा कर लिया था ।इसलिए देवता शिव जी के पास गए। शिवजी ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का वध किया। देवता लोग शिव की नगरी काशी वाराणसी में आकर दीप प्रज्ज्वलित कर जनता को प्रेरित किया।
आदर्श ग्राम गुलाटी की यह भूमि गुरुदेव की कृपा से वंदन की भूमि है,,अभिनंदन की भूमि है ,यहाँ बाबाजी के प्रेणा से सन 2007 से देव दीपावली का धार्मिक महोत्सव मनाते आ रहे हैं। यह 19 वे वर्ष में देव दीपावली का धार्मिक महोत्सव हुआ। उक्त महोत्सव अब देव दीवाली से आने वाले समय मे गुरुदेव दीवाली के नाम से ग्राम वासी इस पर्व को मनायेगे दीवालीकार्यक्रम श्री योगेश जी महाराज एवम सुधाकर जी महाराज के उपस्थिति में हुआ। आदर्श ग्राम सभी निवासियों ने बड़ी लगन और आस्था के साथ महिला पुरुष,बच्चों एवं बच्चीयों ने सहयोग किया
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