: सनावद गुरुवार को सामाजिक संस्था हम फाउंडेशन द्वारा गायत्री परिवार के सहयोग से 16 सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं का शॉल,श्रीफल एवं स्मृतिचिन्ह भेंटकर सम्मान किया गया।
सनावद / भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर गुरुवार को सामाजिक संस्था हम फाउंडेशन द्वारा गायत्री परिवार के सहयोग से 16 सेवानिवृत्त
शिक्षक-शिक्षिकाओं का शॉल,श्रीफल एवं स्मृतिचिन्ह भेंटकर सम्मान किया गया।
गायत्री शक्तिपीठ में आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि विधायक सचिन बिरला,नपाध्यक्ष सुनीता इंदर बिर्ला और हम फाउंडेशन के अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण चौधरी ने सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया। विधायक ने कहा कि भारत में गुरु को भगवान से पहले स्थान दिया जाता है। शिक्षक एक कुम्हार की तरह होता है जो छात्र रूपी गीली मिट्टी को आकार प्रदान करता है। विधायक ने कहा कि सेवानिवृत्ति सेवा का असीम अवसर प्रदान करता है। विधायक ने शिक्षकों और सेवानिवृत्त शिक्षकों से आग्रह किया कि विद्यार्थियों को पर्यावरण सुधार की दिशा में कार्य करने की प्रेरणा दें और उन्हें पौधारोपण के लिए प्रेरित करें। विधायक ने कहा कि शिक्षक अपने अनुभव और परिचय के माध्यम से पर्यावरण के प्रति समाज को जागरूक करें। विधायक ने हम फाउंडेशन के सेवा कार्यों की सराहना की और हरसंभव सहायता के प्रति आश्वस्त किया। नपाध्यक्ष सुनीता बिर्ला ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र और समाज निर्माता होते हैं। शिक्षक ही विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर योग्य नागरिक बनाते हैं। शिक्षक विद्यार्थियों को संस्कार देते हैं।शिक्षा काल में प्राप्त संस्कार ही भविष्य की आधारशिला बनते हैं। नपाध्यक्ष ने भी हम फाउंडेशन के रचनात्मक कार्यों में हरसंभव मदद के प्रति आश्वस्त किया। वरिष्ठ गायत्री परिजन रविंद्र दुबे ने कहा कि शिक्षकों के ऋण से समाज कभी उऋण नहीं हो सकता। दुबे ने वर्तमान में शिक्षा क्षेत्र में हो रही घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। दुबे ने कहा कि परमपूज्य आचार्य श्रीराम शर्मा ने जीवन के उत्तरार्ध के समय को समाज के लिए समर्पित करने का संदेश दिया है। सेवानिवृत्त शिक्षक समाज में अपने अनुभवों के माध्यम से संस्कार और नैतिक शिक्षा के प्रचार प्रसार का दायित्व ग्रहण करें। फाउंडेशन की प्रांत महामंत्री मनीषा पाटील ने कहा कि समाज में शिक्षक के महत्व को दृष्टिगत रखते हुए पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। पाटील ने फाउंडेशन के उद्देश्यों और कार्यों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। पाटील ने कहा कि शिक्षक की हमारे जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षक ही देश का भविष्य निर्माता हैं।राष्ट्रीय शिक्षक महासंघ के वरिष्ठ शिक्षक लच्छीराम इंगले ने कहा कि सेवानिवृत्ति के पश्चात भी शिक्षक राष्ट्र सेवा के क्षेत्र में सक्रिय रहें। शिक्षक का दायित्व कभी समाप्त नहीं होता। हम की जिलाध्यक्ष अर्चना आरस ने भी अपने विचार व्यक्त किए।फाउंडेशन के शिवराम वर्मा ने भी प्रेरक विचार व्यक्त किए और कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षक अपने अनुभव का लाभ समाज को देते रहें। इस दौरान विधायक प्रतिनिधि लक्ष्मीनारायण पटेल,दीपक चौधरी, बीइओ डीएस पिपलोदे सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं गायत्री परिजन उपस्थिति थे। संचालन गायत्री परिजन जगदीश शाह एवं आभार प्रदर्शन जगदीश पटेल ने किया।
शिक्षक दिवस पर
शिक्षक गुलाबसिंह वास्कले नीलकंठ, नंदकिशोर वास्कले बेड़िया,महेश उपाध्याय चित्रमोड,
ओमप्रकाश कुमरावत नंदगांव,दिलीप शाह सनावद, शिवेसिंह मंडलोई बेड़िया, कड़वाजी कर्मा सनावद,
बद्रीलाल पगारे भोगावा सिपानी, फरीदा शेख सहा शिक्षक प्रा वि रूपखेड़ा,रमेशचंद्र पीपलिया भोगावा निपानी,रक्षा जैन ढकलगांव, संतोष उपाध्याय टोकसर,जाहिद शाह सताजना, भूपेंद्र कुमार जैन सनावद, साधना बड़ेकर खंगवाड़ा, रायसिंह पवार कोटल्याखेड़ी को सम्मानित किया गया।